इंदौर, 3 जनवरी 2026: देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में आठ बार सम्मानित इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल ने भीषण तबाही मचा दी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में उल्टी-दस्त की बीमारी से फैली महामारी में कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें सबसे छोटे शिकार 6 महीने के मासूम बच्चे आर्यन साहू (Avyan Sahu) शामिल हैं। आर्यन, जो अपने माता-पिता के 10 साल की लंबी प्रतीक्षा और प्रार्थनाओं के बाद पैदा हुए थे, दिसंबर 2025 के अंत में दूषित पानी से तैयार दूध पीने के बाद असमय काल कवलित हो गए। परिवार ने सरकारी मुआवजे को ठुकरा दिया और कहा, “हमारा बच्चा चला गया, पैसा उसे वापस नहीं ला सकता।” नीचे दिए गए फोटो में भागीरथपुरा के स्थानीय निवासी रात के अंधेरे में मोमबत्तियां जलाकर और बड़े-बड़े बैनर व तख्तियां लेकर सड़कों पर उतरे दिख रहे हैं। वे #JusticeForAvyan और #JusticeForBhagirathpura के नारों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसमें लिखा है – “इंदौर का आर्यन”, “15 लोगों की मौत का जिम्मेदार कौन?”, “पार्षद, महापौर, नगर निगम या सरकार?” और “We are sorry Avyan, Indore could not give you life!”क्या है पूरा मामला? मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 के अंत में हुई, जब भागीरथपुरा क्षेत्र में नगर निगम की मुख्य जल आपूर्ति पाइपलाइन में लीकेज के कारण पुलिस चौकी के शौचालय का सीवर पानी मिल गया। लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि पानी में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और फीकल कंटेमिनेशन मौजूद था, जिससे उल्टी-दस्त का प्रकोप फैला। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार: – 1,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए। – 272 मरीज अस्पताल में भर्ती (जिनमें से 71 डिस्चार्ज, 32 ICU में)। – मौतों की आधिकारिक संख्या 4-10 के बीच बताई गई, लेकिन स्थानीय लोग और परिवार 15 मौतों का दावा कर रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक अधिकारी को बर्खास्त और दो को सस्पेंड किया। मुख्यमंत्री ने ₹2 लाख मुआवजे की घोषणा की, मरीजों के लिए मुफ्त इलाज और पानी टैंकरों की व्यवस्था की। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी मामले में सख्त रुख अपनाया और सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी।प्रदर्शन और जनाक्रोशस्थानीय लोग, खासकर युवा और परिवारजन, रात में सड़कों पर निकल आए। वे मोमबत्तियां जलाकर, बैनर लहराकर और नारे लगाकर न्याय मांग रहे हैं। बैनर पर आर्यन की मासूम तस्वीर के साथ लिखा है – “हमारी जिंदगी नहीं बचा पाए… माफ करना आर्यन!” प्रदर्शन में शामिल लोग पार्षद, महापौर और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।यह घटना इंदौर की स्वच्छता की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। निवासी मांग कर रहे हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भागीरथपुरा दूषित जल कांड में कांग्रेस ने बीजेपी पर साधा निशाना, नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने जारी किया वीडियो नवागत आयुक्त क्षितिज सिंघल ने रात्रि में संभाला इंदौर नगर निगम की कमान, खजराना गणेश मंदिर में किया पूजन