रीवा। आधुनिक बौद्ध जगत के अश्वघोष के रूप में विख्यात महाकवि विनीत बिक्रम सोनवर्षा बौद्ध की 100वीं जन्म-शताब्दी के उपलक्ष्य में एक विशाल एवं भव्य समारोह का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, सम्मान और गौरवमयी भावनाओं के साथ किया किया गया।यह आयोजन बौद्ध धम्म, साहित्य, सामाजिक चेतना, मानवदृमूल्यों तथा जागृति के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करने हेतु आयोजित किया गया है। महाकवि विनीत बिक्रम सोनवर्षा बौद्ध की जन्मस्थली ग्राम सोनवर्षा, दीक्षादृभूमि अवेर तथा कर्मस्थली चन्द्रोदय भारत भवन बुद्ध विहार पड़रा रीवा में उनके धम्म-साधना, साहित्य सृजन और सामाजिक परिवर्तन की चेतना के प्रमुख केंद्र रहे हैं। इस पावन अवसर पर चौत भूमि पर अवस्थित सम्राट अशोक महान कालीन प्राचीन प्रतिलिपिक शिलालेख के समीप स्थित देउरकोठार का बौद्ध स्तूप, जो बौद्ध इतिहास और धरोहर का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है मुख्य समारोह स्थल के रूप में चयनित किया गया थाजहाँ दिन भर विविध कार्यक्रम हुयें। जन्म-शताब्दी समारोह के अंतर्गत धम्म कारवाँ का शुभारंभ प्रातः 9 बजे रीवा शहर से शुरू हुआ जो सोनवर्षा होते हुए अवेर, वहाँ से शंकरलाल मास्टर, बुद्ध बिहार सेमरी, चन्द्रोदय बुद्ध बिहार पड़रा, कोठी कम्पाउण्ड रीवा तथा अंततः देउर कोठार बौद्ध स्तूप तक पहुँचकर मुख्य कार्यक्रम में परिवर्तित हुई। इस ऐतिहासिक धम्म-यात्रा का उद्देश्य था कि बौद्ध धम्म के सिद्धांतों मैत्री, करुणा, प्रज्ञा और समानता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया जा सके तथा महाकवि विनीत बिक्रम बौद्ध की शिक्षाओं को पुनः जनमानस में स्थापित हो सके। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि, प्रार्थना, धम्म-देशना, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गयें, जिनमें बौद्ध जगत के विद्वान, धम्म गुरु, शोधकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित रहें। इस समारोह में तथागत गौतम बुद्ध, बोधिसत्व डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं महामानव महाकवि विनीत बिक्रम बौद्ध के अनुयायी अपने स्नेह, श्रद्धा और प्रेरणा के साथ सहभागी रहें।इस अवसर पर मास्टर बुद्धसेन बौद्ध, मास्टर चन्द्रिका बौद्ध, श्रद्धेय डॉ. यू.आर. बौद्ध, शेषमणि बौद्ध, के.पी. बौद्ध (भोपाल), कैलाश बौद्ध, मोले सिंह बौद्ध, बुद्धसेन बौद्ध, माड़व एड. मनोज, सिद्धार्थ बौद्ध, एड. अभिषेक बौद्ध, विवेक बौद्ध, सीताशरण बौद्ध, राजेश बौद्ध, विश्वनाथ चोटीवाला, श्रवण कुमार बौद्ध, बद्रीनाथ प्रसाद बौद्ध, रघुनाथ बौद्ध, श्रद्धेय डॉ. हीरा लाल बौद्ध, डॉ. विनोद कुमार बौद्ध, अशोक कुमार बौद्ध, गुरूचरण बौद्ध, सुग्रीव सिंह बौद्ध, अर्जुन सिंह बौद्ध, जीनत कुमार बौद्ध, मनोज भारतीय बौद्ध तथा रोहित बौद्ध (अवेर) सहित अनेक सम्मानित बौद्ध अनुयायियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। रामभाऊ सुन्दरी मेमोरियल बुद्ध चेतना परिषद, रीवा (मध्य प्रदेश) द्वारा आयोजित इस पावन समारोह में सभी बौद्ध अनुयायियों, साधकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शोधार्थियों एवं श्रद्धालुओं से विनम्र निवेदन किये है कि वे इस अवसर पर सादर उपस्थित होकर महा कवि विनीत बिक्रम सोनवर्षा बौद्ध को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करें और बौद्ध धम्म की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान किया गया। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सहकार ग्लोबल कर्मियों ने झोंको में पकड़ा अवैध रेत वाहन उत्कृष्ट संस्थानों में पढ़ने हेतु उत्कृष्ट विद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन
You must be logged in to post a comment.