बमाको।। नई दिल्ली : पश्चिमी अफ्रीकी देश माली से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर आई है। अलकायदा से संबद्ध आतंकवादियों ने माली के पश्चिमी क्षेत्र कोबरी के निकट पांच भारतीय नागरिकों का अपहरण कर लिया। ये सभी भारतीय एक निजी कंपनी के कर्मचारी थे, जो स्थानीय विद्युतीकरण परियोजना पर कार्यरत थे। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, घटना गुरुवार को उस वक्त घटी जब सशस्त्र आतंकियों ने उनके वाहन को घेराबंदी कर सभी को अगवा कर लिया। कंपनी के एक प्रतिनिधि ने फ्रांस की समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि शेष भारतीय कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षा कारणों से राजधानी बमाको पहुंचाया गया है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन संदेह अलकायदा और ISIS से जुड़े नेटवर्क पर है। जुलाई में भी हुई थी ऐसी वारदात यह कोई पहली घटना नहीं। जुलाई 2025 में भी तीन भारतीयों—राजस्थान, ओडिशा और तेलंगाना के निवासियों—का अपहरण हुआ था। उसकी जिम्मेदारी अलकायदा से जुड़े संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुसलमीन (JNIM) ने ली थी। JNIM ने पिछले वर्षों में माली में कई घातक हमलों को अंजाम दिया है। माली में 400 से ज्यादा भारतीय कामगार सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में करीब 400 भारतीय नागरिक माली में रहकर काम कर रहे हैं। ये मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन, माइनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़े हैं। बढ़ते अपहरण और आतंकी हमलों से उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। फिरौती का अड्डा बना साहेल क्षेत्र माली सहित साहेल क्षेत्र (नाइजर और बुर्किना फासो शामिल) आतंकी गतिविधियों का गढ़ बन चुका है। 2012 के तख्तापलट और सैन्य संघर्षों के बाद से हिंसा बेकाबू है। सितंबर 2024 में JNIM ने दो अमीराती और एक ईरानी नागरिक को अगवा किया था, जिन्हें 5 करोड़ डॉलर की फिरौती देकर छुड़ाया गया। साहेल: दुनिया का नया आतंकी एपिसेंटर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) की रिपोर्ट कहती है कि साहेल अब वैश्विक आतंकवाद का नया केंद्र है। यहां दुनिया भर में आतंक से होने वाली आधी से अधिक मौतें दर्ज की जाती हैं। भारत सरकार सतर्क, रिहाई के प्रयास तेज भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी आधिकारिक बयान नहीं जारी किया, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन से लगातार संपर्क में है। अपहृतों की सुरक्षित रिहाई के लिए कूटनीतिक और अन्य प्रयास तेज कर दिए गए हैं। यह घटना माली में भारतीयों की बढ़ती असुरक्षा को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंकी नेटवर्क के विस्तार से ऐसे अपहरण आम होते जा रहे हैं। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जिला प्रशासन द्वारा चॉकलेट फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई: फैक्ट्री सील इंदौर: राऊ पुलिस की मुस्तैदी से 12 घंटे में दो नाबालिग बालक सकुशल बरामद, परिवारों में लौटी खुशियां