इंदौर। प्रदीप चौधरी।। कनाड़िया थाना क्षेत्र के शिशुकुंज इंटरनेशनल स्कूल (झलारिया कैंपस) की केमेस्ट्री लैब में शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सातवीं कक्षा के प्रैक्टिकल के दौरान कोनिकल फ्लास्क में हल्का विस्फोट हो गया। हाइड्रोक्लोरिक एसिड में जिंक डालते समय फ्लास्क फटने से एसिड की बूंदें और कांच के टुकड़े पास खड़े 5 बच्चों और शिक्षिका पर जा गिरे। लैब असिस्टेंट के कपड़ों पर भी छींटे लगे। स्कूल ने तुरंत सभी को प्राथमिक उपचार दिया। त्वचा पर हल्की जलन की शिकायत के बाद डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह ली गई। सभी बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और सोमवार से स्कूल आ सकेंगे। प्रिंसिपल डॉ. ललिता सिंह ने अभिभावकों को भेजे पत्र में लिखा, “यह कोई हादसा नहीं था। प्रयोग के दौरान सामान्य प्रतिक्रिया हुई, जिसमें हल्का धुआं उठा। बच्चे घबरा गए, लेकिन कोई खतरा नहीं था।” स्कूल ने पुलिस को सूचना नहीं दी। कनाड़िया पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से खबर मिली। थाना प्रभारी ने बताया, “प्रारंभिक जांच में कोई गंभीर चोट या साजिश के संकेत नहीं। अभी तक कोई शिकायत नहीं आई। जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी।” अभिभावकों में गुस्सा है। कई ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। एक अभिभावक बोले, “बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़? पुलिस को क्यों नहीं बताया गया?” कुछ ने लैब के पुराने उपकरणों और केमिकल की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। शिक्षा विभाग सतर्क हुआ है। जल्द ही लैब की सुरक्षा जांच हो सकती है। गनीमत रही कि हादसा बड़ा नहीं हुआ, लेकिन यह सवाल जरूर खड़े करता है—स्कूलों में सुरक्षा मानक कितने सख्त हैं? View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कटंगी में दंपत्ति की हत्या का 24 घंटे में खुलासा: सगे भतीजे और नाती ने लालच में दी वारदात को अंजाम, पुलिस ने बरामद किए 10 लाख का मशरूका अधिवक्ता राजीव सिंह परिहार (शेरा) के पैरवी का परिणाम-आत्महत्या करने के लिए मजबूर और प्रताड़ित करने वाले आरोपी को अपर सत्र न्यायालय रीवा द्वारा किया गया दोषमुक्त