भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 78वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन 14 नवंबर से किया जा रहा है। 17 नवंबर तक चलने वाले इज्तिमा में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत ढाई दर्जन से अधिक देशों से 10 लाख से अधिक जायरीन शामिल होंगे। विश्व स्तरीय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां जोरों पर है। दुनिया भर से यहां आने वाले जायरीनों की तादाद को देखते हुए 100 एकड़ से भी ज्यादा जगह में पंडाल बनाए जा रहे हैं। 70 पाार्किंग जोन बनाए जा रहे हैं जहां दुपहिया और चार पहिया वाहन खड़े किए जा सकेंगे। इंतेजामात के लिए इज्तिमा कमेटी के 35 हजार से अधिक वालंटियर तैनात रहेंगे। आयोजन को कामयाब बनाने के लिए माकूल इंतेजाम किए जा रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी जायरीनों के रहने के लिए टेंट, खाने-पीने के लिए फूड स्टॉल, वजू खाना आदि तैयार किए जा रहे हैं। यहां केवल जायरीनों के लिए चाय, लंच और डिनर की व्यवस्था रहेगी। फूड स्टॉल पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन भी कराया जा रहा है। जायरीनों को किफायती दाम पर भोजन और पानी की व्यवस्था कराने की जिम्मेदारी भी इज्तिमा कमेटी की है। पानी की बोतल, चाय-नाश्ते, भोजन के साथ अन्य खाने की वस्तुओं को तयशुदा दाम पर ही बेचा जा सकेगा। अधिक दाम पर यदि कोई फूड स्टॉल संचालक सामान बेचता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इज्तिमा स्थल पर नहाने और वुजू करने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही इस पानी को बाद में रिसाइकिल भी किया जाएगा जिसका उपयोग खेती समेत अन्य कार्यों में किया जाएगा। इसके साथ ही सड़क, पीने के पानी की व्यवस्था, लाइट और आपातकालीन स्थितियों में फायर ब्रिगेड के आने-जाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बिजली विभाग इज्तिमा स्थल और रास्ते में लाइटें लगा रहा है, तो वहीं लोक निर्माण विभाग द्वारा यहां अस्थाई सड़कें बनाई जा रही हैं। सीवेज के पानी के लिए बड़े तालाब बनाए जा रहे हैं। पीएचई विभाग दो एसटीपी भी बना रहा है। इस एसटीपी से सीवेज के जल का शोधन कर तालाबों में छोड़ा जाएगा। इतने बड़े आयोजन में प्लास्टिक और कागज के बर्तनों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इज्तिमा को स्वच्छ बनाने के लिए स्टील, कागज और चीनी मिट्टी के बतनों में चाय-नाश्ता और खाना परोसा जाएगा। इससे आयोजन स्थल पर हर साल की तुलना में एक हजार क्विंटल कचरा कम निकलेगा। वहीं आयोजन स्थल से उत्सर्जित कचरे का सात अलग-अलग तरह से इकठ्ठा कर इसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इसमें प्लास्टिक, पैड, पीवीसी, ग्लास, ग्रे बोर्ड, ईवेस्ट, कागज समेत अन्य कचरा शामिल है। इज्तिमा में करीब दस लाख तक जायरीनों के आने की उम्मीद है। इतनी बड़ी तादाद को देखते हुए इंतेजामिया कमेटी ने बुलेट स्ट्रेचर एंबुलेंस तैयार की है, जिससे अचानक से किसी की भी तबीयत बिगड़ने पर बुलेट एंबुलेंस से उसे बाहर तक आसानी से लाया जा सकेगा। यहां से एंबुलेंस की मदद से अस्पताल तक भेजा जाएगा। इसके साथ ही आसपास के सरकारी और निजी अस्पतालों को तीन दिन के लिए रिजर्व रखा जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थित से निपटा जा सके। बता दें कि दुनिया में केवल तीन देश हैं जहां पर आलमी तब्लीगी इज्तिमा का आयोजन होता है। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और भारत का भोपाल शामिल है। भारत में आलमी तब्लीगी इज्तिमा की शुरुआत 1947 में भोपाल की शकूर मस्जिद में हुई थी। पहले इज्तिमा में महज 13-14 लोग जुटे थे। बाद में इसे अता शुजा खान मस्जिद में स्थानांतरित कर दिया गया। वक्त बदलने के साथ ही इज्तिमे में जायरीनों की तादाद भी बढ़ने लगी। सन 1971 से इज्तिमा का आयोजन बड़े स्वरूप होने लगा तब इसे भोपाल की ताजुल मसाजिद शिफ्ट कर दिया गया। उसके बाद ताजुल मसाजिद परिसर में भोपाल इज्तिमा का आयोजन किया जाता रहा लेकिन बढ़ती भीड़ को देखते हुए इसका आयोजन भोपाल से सटे घासीपुरा, ईंटखेड़ी में किया जाने लगा। इज्तिमे में इस्लामी विद्वानों के बयान होंगे। इज्तिमे की शुरूआत कुरान पाक की तिलावत और समापन सामूहिक प्रार्थना या दुआ के साथ होगा। आयोजन के दौरान सामूहिक निकाह भी होंगे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का भंडाफोड़, तिलक नगर पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा क्रिकेटर बेन ऑस्टिन की सिर पर गेंद लगने से मौत, क्रिकेट जगत में फैली शोक की लहर