44-46 डिग्री तापमान के बीच स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर, हर जवान को 10-10 पैकेट देने की योजनाजयपुर/राजस्थान:प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बढ़ते असर के बीच राजस्थान पुलिस ने अपने जवानों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए एक सराहनीय पहल शुरू की है। महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर राज्यभर के पुलिसकर्मियों को 5 लाख ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट (ORS) पैकेट्स वितरित किए जाएंगे, जिससे ड्यूटी के दौरान डिहाइड्रेशन और लू से उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।इस जनहितकारी अभियान में रोटरी क्लब मुंबई से जुड़े प्रवासी राजस्थानी, झुंझुनूं मूल के आशीष पोद्दार का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है। उनकी पहल से पुलिस जवानों को यह राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।योजना का क्रियान्वयन:इस अभियान की जिम्मेदारी डीआईजी प्रशिक्षण शरद चौधरी को सौंपी गई है। उनके निर्देशन में ORS पैकेट्स राज्य के 12 पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों और राजस्थान से बाहर संचालित 4 केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे। साथ ही रेंज आईजी के माध्यम से हर कांस्टेबल तक इनकी उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक जवान को 10-10 ORS पैकेट्स दिए जाएंगे, जिससे वे गर्मी में लंबे समय तक ड्यूटी के दौरान खुद को हाइड्रेट रख सकें।विशेष रूप से ट्रैफिक ड्यूटी, कानून-व्यवस्था, गश्त और सार्वजनिक स्थानों पर तैनात जवानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।पहली खेप पहुंची:अभियान की शुरुआत के तहत सोमवार को पहली खेप के रूप में 90 हजार ORS पैकेट्स राजस्थान पुलिस अकादमी पहुंचाए गए। इन्हें विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों तक भेजने का कार्य शुरू हो चुका है। मंगलवार को दूसरी खेप में भी 90 हजार पैकेट्स पहुंचने की संभावना है, जबकि आगामी 5 से 7 दिनों में अतिरिक्त सप्लाई भी प्राप्त होगी।डीआईजी शरद चौधरी ने बताया कि प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 44 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। ऐसे में पुलिस मुख्यालय की यह पहल जवानों के लिए न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत कदम है, बल्कि ड्यूटी के दौरान उन्हें राहत देने वाली एक महत्वपूर्ण व्यवस्था भी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रीवा परिवहनकर्ता की मनमानी से खरीदी केंद्र प्रभारी परेशान, नही हो रहा उठाव मनरेगा खत्म, मजदूर बेहाल : ग्रामीण रोजगार पर गहराता संकट