इंदौर और भोपाल के लिए बनेगा समग्र मास्टर प्लान भोपाल : मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में ‘ग्रोथ हब (G-Hub)’ पहल का औपचारिक शुभारंभ किया गया। यह महत्वाकांक्षी पहल नीति आयोग और मध्य प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयास से इंदौर एवं भोपाल क्षेत्रों के लिए व्यापक और दीर्घकालिक आर्थिक विकास रणनीति तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस अवसर पर नीति आयोग के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रिंसिपल इकोनॉमिक एडवाइजर सुश्री एना रॉय ने किया। मुख्य सचिव श्री जैन ने कहा कि सुविचारित आर्थिक योजना से न केवल इन क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी बल्कि अनियंत्रित शहरी विकास पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। सुश्री एना रॉय ने बताया कि इंदौर और भोपाल आर्थिक क्षेत्रों के लिए समग्र आर्थिक मास्टर प्लान अगले वित्त वर्ष के प्रारंभ तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है और नीति आयोग इस दिशा में राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग देगा। ‘ग्रोथ हब’ पहल के प्रथम चरण में इंदौर आर्थिक क्षेत्र (इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, खरगोन, रतलाम, शाजापुर, खंडवा) और भोपाल आर्थिक क्षेत्र (भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम्) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए आर्थिक प्रोफाइल, प्राथमिक परियोजना सूची और क्रियान्वयन रोडमैप तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में जबलपुर, सतना-रीवा, सागर और ग्वालियर क्षेत्रों को भी शामिल किया जाएगा। बैठक के दौरान नीति आयोग ने G-Hub पहल का संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण किया। संबंधित जिलों ने अपनी आर्थिक प्रोफाइल, प्रमुख अवसर, बाधाएँ और 90-दिवसीय कार्ययोजना साझा की। बैठक में स्टियरिंग कमेटी व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा में त्वरित कार्यों पर सहमति बनी जिनमें कॉमन फैसिलिटी सेंटर्स (CFC), प्लग-एंड-प्ले अवसंरचना, एंटरप्राइज सपोर्ट सेंटर्स, लॉजिस्टिक्स-वेयरहाउसिंग, कौशल एवं अप्रेंटिसशिप, निवेश-प्रोत्साहन और एकीकृत मास्टर प्लानिंग जैसे बिंदु शामिल हैं। यह पहल ‘विकसित मध्यप्रदेश’ के दृष्टिकोण से पूर्णतः संरेखित है जो नागरिकों को सुखद जीवन, संपन्न रोजगार अवसर और सांस्कृतिक गौरव प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। G-Hub कार्यक्रम के माध्यम से परियोजना-आधारित क्रियान्वयन, नीति सरलीकरण, भूमि आपूर्ति, एकीकृत अवसंरचना और निवेश प्रोत्साहन के जरिये राज्य में उच्च वृद्धि, गुणवत्तापूर्ण आजीविका और बेहतर ‘ईज़ ऑफ लिविंग’ सुनिश्चित की जाएगी। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी संजय कुमार शुक्ल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मध्यप्रदेश राज्य नीति आयोग ऋषि गर्ग और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। संबंधित जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन मध्यप्रदेश : बीमारू प्रदेश से मृत्यु प्रदेश तक! दीपावली पश्चात नववर्ष के शुभ मुहूर्त में लहसुन-प्याज फल मंडी का पूजन व सम्मान समारोह