मोहाली, 17 अक्टूबर 2025: पंजाब पुलिस के रोपड़ रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) हरचरण सिंह भुल्लर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मोहाली स्थित उनके कार्यालय में की गई। भुल्लर पर एक स्क्रैप डीलर से मासिक वसूली के तहत रिश्वत लेने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके घर, कार्यालय और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की, जहां से करोड़ों रुपये की नकदी, डिजिटल दस्तावेज और रिश्वत से जुड़े सबूत बरामद हुए। मामले का खुलासासीबीआई को फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ के एक स्क्रैप डीलर ने शिकायत की थी कि भुल्लर ने एक फर्जी मामले में राहत देने के बदले पहले 8 लाख रुपये की मांग की, जो बाद में मासिक 5 लाख रुपये की वसूली में बदल गई। यह रिश्वत कथित तौर पर अवैध कार बिजनेस और स्क्रैप वाहनों के चेसिस नंबर बदलने जैसे मामलों से जुड़ी थी। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने जाल बिछाया और भुल्लर को मोहाली कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इस ऑपरेशन में पंजाब पुलिस के किसी भी अधिकारी को शामिल नहीं किया गया ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे। एक मध्यस्थ को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी में बड़े खुलासेगिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने भुल्लर के सेक्टर-40, मोहाली स्थित आवास, कार्यालय और खन्ना के एक फार्महाउस पर तलाशी ली। इन छापों में भारी मात्रा में नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। सूत्रों के अनुसार, भुल्लर लंबे समय से विभिन्न कंपनियों और व्यक्तियों से मासिक वसूली कर रहे थे। बरामद दस्तावेजों से इस रैकेट के और बड़े होने की आशंका जताई जा रही है। कौन हैं हरचरण भुल्लर?2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हरचरण सिंह भुल्लर, पूर्व डीजीपी महेल सिंह भुल्लर के पुत्र हैं। वे हाल ही में 27 नवंबर 2024 को रोपड़ रेंज (मोहाली, रूपनगर और फतेहगढ़ साहिब) के डीआईजी नियुक्त हुए थे। इससे पहले वे पटियाला रेंज के डीआईजी रह चुके हैं और पंजाब के ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। उनकी इस गिरफ्तारी ने पंजाब पुलिस की साख पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आगे की कार्रवाईसीबीआई भुल्लर को शुक्रवार को चंडीगढ़ की विशेष सीबीआई अदालत में पेश करेगी। जांच एजेंसी इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश और रिश्वतखोरी के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह घटना सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है और पारदर्शिता के साथ आंतरिक जवाबदेही को मजबूत करने की जरूरत को रेखांकित करती है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन यातायात पुलिस, आरटीओ और एसडीएम की संयुक्त टीम ने की सख्त कार्रवाई शराब माफिया सूरज रजक पर मारपीट और हवाई फायर का केस दर्ज, फर्जी सहानुभूति का वायरल ड्रामा बेनकाब