गृह विभाग की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश, महिलाओं की सुरक्षा और साइबर अपराधों पर विशेष जोरभोपाल। प्रदीप चौधरी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति कुर्क करने जैसे कदम उठाने में कोई ढिलाई नहीं बरती जाए। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक सभी को सतर्क और सक्रिय रहने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल के सामने नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। अपराधों की जांच करने वाले विवेचना अधिकारियों को अन्वेषण भत्ता दिए जाने की संभावना पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है।मुख्यमंत्री ने बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता जताते हुए गृह विभाग को आईटी कंसल्टेंट की सेवाएं प्राथमिकता के आधार पर लेने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराध, सोशल मीडिया आधारित गतिविधियों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दुरुपयोग की निगरानी के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं लेने पर भी चर्चा हुई।महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्कूल, कॉलेज और अन्य शिक्षा संस्थानों के आसपास छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित “सेफगार्ड एमपी” जैसी नई पहल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, वीआईपी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए स्थायी अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उज्जैन में विकसित होने वाली व्यवस्थाएं केवल सिंहस्थ तक सीमित न रहें, बल्कि दीर्घकालिक उपयोग की दृष्टि से तैयार की जाएं।डॉ. यादव ने नक्सल उन्मूलन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी, आपदा मित्रों के प्रशिक्षण, एयर एम्बुलेंस संचालन में सहयोग और अग्निशमन सेवाओं में पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने खुले स्थानों पर मांस विक्रय और तेज ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर नियंत्रण संबंधी निर्देशों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में मध्यप्रदेश पुलिस चयन एवं भर्ती बोर्ड के गठन, काउंटर टेररिस्ट ग्रुप के विस्तार, जिला स्तर पर सीन ऑफ क्राइम मोबाइल यूनिट और वीवीआईपी ड्यूटी में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष भत्ता देने जैसे प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन पलसोड़ी में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल, पथराव में महिला पुलिसकर्मी समेत तीन जवान घायल प्राइवेट जेट में बेटी सारा संग क्रिकेट खेलते दिखे सचिन तेंदुलकर, वीडियो हुआ वायरल