इंदौर, प्रदीप चौधरी। (न्यूज डेस्क): मध्य प्रदेश की स्वच्छता नगरी इंदौर में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच छिड़ा विवाद उस समय भयावह हो गया, जब 24 किन्नरों ने एक साथ फिनायल पीकर सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया। पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के नंदलालपुरा में हुई इस घटना ने पुलिस और प्रशासन को सकते में डाल दिया। साथ ही, एक फर्जी पत्रकार और उसके साथी पर रेप व मारपीट के गंभीर आरोपों ने मामले को और जटिल बना दिया है। https://www.instagram.com/reel/DP3WhlFkXc9/?igsh=MXBsdjd1MWRqaGR4OQ== क्या है पूरा मामला?बुधवार देर शाम नंदलालपुरा के एक डेरे में किन्नरों के दो गुटों के बीच वर्चस्व और वसूली को लेकर तीखी तकरार हुई। स्थिति तब बेकाबू हो गई, जब एक गुट ने कथित तौर पर दूसरे गुट को धमकाया और प्रताड़ित किया। गुस्से और हताशा में करीब 24 किन्नरों ने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और फिनायल का सेवन कर लिया। उनकी चीखें सुनकर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पंढरीनाथ थाना पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कमरा तोड़ा और सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया।डॉक्टरों ने बताया कि सभी किन्नरों की हालत अब स्थिर है, लेकिन फिनायल की विषाक्तता के कारण उनका इलाज गहन निगरानी में चल रहा है। एक किन्नर, जो बेहोशी की हालत में था, ने पुलिस से अपराधियों की गिरफ्तारी की गुहार लगाई। पुलिस ने बताया कि यह कदम प्रताड़ना से तंग आकर उठाया गया था। फर्जी पत्रकार पर संगीन इल्जामघटना के बीच एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एक किन्नर ने दो व्यक्तियों, जिनमें से एक खुद को पत्रकार बता रहा था, पर रेप, मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया। शिकायत के आधार पर पंढरीनाथ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 323 (मारपीट), और 506 (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक आरोपी फर्जी पत्रकार है, जो किन्नर समुदाय को लंबे समय से निशाना बना रहा था। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। पुलिस की कार्रवाई और अफवाहों पर रोकघटना के बाद इलाके में गोलीबारी की अफवाहें फैलने लगीं, जिसे पुलिस ने सिरे से खारिज किया। थाना प्रभारी पंढरीनाथ ने कहा, “यह पूरी तरह भ्रामक सूचना है। न गोली चली, न कोई हिंसक झड़प हुई। हमने तत्काल कार्रवाई कर सभी किन्नरों को बचा लिया।” पुलिस ने किन्नरों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें एक गुट ने दूसरे गुट पर क्षेत्रीय दबदबा बनाने के लिए हिंसा और धमकी देने का आरोप लगाया है। जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। किन्नर समुदाय की पीड़ा: समाज से अपीलयह घटना किन्नर समुदाय के भीतर चल रही गुटबाजी और बाहरी दबावों को उजागर करती है। एक स्थानीय किन्नर ने कहा, “हमें न समाज अपनाता है, न अपने ही एकजुट रहने देते हैं। हमारी सुनवाई होनी चाहिए।” सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि किन्नर समुदाय की सुरक्षा और उनके अधिकारों के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। प्रशासन का रुखएडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि पुलिस दोनों मामलों—सामूहिक आत्महत्या के प्रयास और फर्जी पत्रकार पर लगे आरोपों—की गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दोषियों को सजा मिले और समुदाय को न्याय मिले।” प्रशासन ने अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए भी सख्ती बरतने की बात कही है।यह घटना इंदौर के लिए एक गंभीर चेतावनी है, जहां सामाजिक और आर्थिक दबाव किन्नर समुदाय को इस तरह के खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस जल्द ही पूरे मामले की तह तक पहुंचने का दावा कर रही है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिटायर्ड आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र भदौरिया के ठिकानों पर छापा, 18.59 करोड़ की संपत्ति जब्त सतना-चित्रकूट मार्ग पर ट्रैफिक चेकिंग तेज, 60 वाहनों पर 19,550 रुपये का जुर्माना