अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हरसंभव प्रयास करने के बाद भी इस साल नोबेल शांति पुरस्कार पाने से वंचित रह गए। नामांकन के समय हाईप्रोफाइल लोगों की तरफ से समर्थन मिलने के बावजूद ट्रंप को नोबेल नहीं मिला। सात-आठ जगहों पर हिंसक संघर्ष रुकवाने में भूमिका निभाने का दावा करने वाले ट्रंप कई बार खुद ही नोबेल शांति पुरस्कार की दावेदारी करते दिखे। वेनेजुएला की ‘आयरन लेडी’ मचाडोबता दें कि इस साल वेनेजुएला की महिला मरिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति सम्मान मिला है। वे फिलहाल अपने ही देश में छिपकर रह रही हैं। आयरन लेडी के नाम से भी मशहूर मचाडो का नाम टाइम पत्रिका की ‘2025 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों’ की सूची में शामिल है। इस पुरस्कार की घोषणा करते हुए नोबेल समिति की अध्यक्ष ने मचाडो की शांति की एक साहसी और प्रतिबद्ध समर्थक के रूप में सराहना की, जो बढ़ते अंधकार के बीच लोकतंत्र की लौ जलाए रखती हैं। पुरस्कार की घोषणा के दौरान नोबेल समिति ने कहा कि वह वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को बढ़ावा देने में मचाडो ने अथक प्रयास किए। तानाशाही वाली व्यवस्था को बदलकर लोकतंत्र में न्यायसंगत और शांतिपूर्ण बदलाव लाने में संघर्ष के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। मचाडो का संगठन- सुमाते लोकतंत्र की बेहतरी के लिए काम करता है। मुक्त और निष्पक्ष चुनावों की पैरोकार रहीं मारिया कोरिना मचाडो ने साल 2024 के चुनाव में विपक्ष की तरफ से ताल ठोकी थी। राष्ट्रपति पद उम्मीदवार रहीं मचाडो की उम्मीदवारी वेनेजुएला की सरकार ने रद्द कर दी थी। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल: पुलिसकर्मियों की बर्बर पिटाई से DSP के साले की मौत, विभाग में हड़कंप लखनऊ में साइबर अपराध: पूर्व कांग्रेस नेता शमा परवीन को व्हाट्सएप ग्रुप में मिली अश्लील टिप्पणी, FIR दर्ज