लखनऊ, प्रदीप चौधरी : शहर में साइबर उत्पीड़न का एक और मामला सामने आया है, जिसमें पूर्व कांग्रेस नेता शमा परवीन को एक व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील और अपमानजनक टिप्पणी का शिकार बनाया गया। यह टिप्पणी कथित तौर पर एक स्थानीय पार्षद के भाई ने की, जिसके खिलाफ शमा परवीन ने शुक्रवार को जहांगीराबाद थाने में FIR दर्ज कराई। शमा परवीन, जो लंबे समय तक कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता रही हैं, ने बताया कि एक स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप में चल रही चर्चा के दौरान पार्षद के भाई ने उनके खिलाफ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया। इस टिप्पणी का स्क्रीनशॉट ग्रुप में वायरल होने के बाद शमा ने तुरंत कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया। जहांगीराबाद थाने पहुंचकर उन्होंने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और लिखित शिकायत दर्ज की। View this post on Instagram शमा परवीन ने अपने बयान में कहा, “यह मेरे सम्मान पर सीधा हमला है। सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल न केवल मेरे लिए, बल्कि समाज की हर महिला के लिए अपमानजनक है। मैं चाहती हूं कि आरोपी को सजा मिले और भविष्य में कोई भी ऐसा करने से पहले सौ बार सोचे।” उन्होंने इस घटना को राजनीतिक साजिश का हिस्सा होने की आशंका भी जताई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 294 (अश्लील कृत्य), 509 (महिला की मर्यादा का हनन) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जहांगीराबाद थाने के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही आरोपी को समन जारी किया जाएगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन से पूछताछ की जाएगी ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खलबली मचा दी है। कई महिला संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने शमा परवीन के समर्थन में आवाज उठाई है। एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध चिंताजनक हैं। यह समय है कि सख्त कानूनी कार्रवाई हो ताकि ऐसे कृत्यों पर लगाम लगे।” दूसरी ओर, पार्षद ने अपने भाई की टिप्पणी को गलतफहमी करार देते हुए सार्वजनिक माफी मांगी है, लेकिन शमा ने इसे खारिज करते हुए कहा कि वे कानूनी प्रक्रिया को पूरा करेंगी। यह मामला डिजिटल युग में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर उत्पीड़न की बढ़ती समस्या को उजागर करता है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी घटनाओं की तुरंत शिकायत करें। मामले में आगे की जांच जारी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ट्रंप को नहीं मिला नोबेल शांति पुरस्कार: दावों और समर्थन के बावजूद निराशा नागरिक परिक्रमा