जरूरत पर नहरों में नही छोड़ा जा रहा पानी,सूखने की कगार में पहुची फ़सले।

इंजीनियर,एसडीओ एवं सी से शिकायत करने पर उनके द्वारा नही दिया जाता ध्यान।

रीवा जवा। रीवा जिले में अधिकारियों के मनमानी एवं तानाशाही से किसान परेशान है। एक तरफ किसान खाद की किल्लत से जूझ रहा है तो दूसरी तरफ बारिश बन्द होने से खेतों का पानी सूख गया है जिस कारण अब धान की फसलें सूखने की कगार में है।

जिसके लिए महिलो,ऊँचाडीह,हिरदयी, ढेकहाई, महूहाटोला, निमगहना रतनी, इटौरी, परसिया सहित कई गांवों के किसानों ने शासन प्रशासन से नहर चालू कराने की लगातार मांग की जा रही है। इसके बावजूद भी प्रशासन की आंखे नही खुल रही है।

वही किसानों का कहना है कि जब पानी की जरूरत नही थी तो लगातार पानी छोड़ा जा रहा था जिस कारण खेत मे लगे रोपा गल गए थे अब जरूरत है तो पानी नही छोड़ा जा रहा है।

    इस संबंध जल संसाधन के एसडीओ अरुण खराड़े को 3 सितंबर को मैसेज से और फोन के माध्यम से जानकारी दी गई थी तो उनके द्वारा कहा गया था कि शाम तक मे चालू हो जाएगी लेकिन नहर में पानी नही छोड़ा गया। कुछ दिनों बाद  पुनः किसानों के कहने पर बात की गई तो उनके द्वारा कहा गया कि कुछ खराबी थी बन गया है चालू कर दिया गया है लेकिन चालू नही किया गया।

इस तरह से लगातार एसडीओ के द्वारा गुमराह किया गया लेकिन आज दिनांक तक 6 किलोमीटर की दूरी पर भी पानी नहीं पहुँचा। जिस कारण किसान एक तरफ खाद को लेकर परेशान है तो दूसरी तरफ पानी को लेकर परेशान है लेकिन कोई देखने सुनने वाला नही है

    बता दे कि उक्त नहर का कार्य जल संसाधन विभाग द्वारा मेंटेना कंपनी को दिया गया था और उसके द्वारा स्थानीय लोगो को पेटी कंटेट में दिया गया था जिसमे स्थानीय ठेकेदारो द्वारा विभागीय अधिकारियों के मिलीभगत से गुणवत्ताविहीन कार्य कराया गया था जो कुछ ही दिनों में खराब हो गयी थी। जिसका नतीजा है आज आये दिन कही न कही से नहर टूट रही है लेकिन भ्रष्टाचार पर जल संसाधन विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही है।
   

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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