उज्जैन: प्रदीप चौधरी। उज्जैन, 7 सितंबर 2025: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शनिवार रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। बड़नगर रोड पर शिप्रा नदी के बड़े पुल से एक सफेद रंग की पुलिस कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कार में सवार तीनों पुलिसकर्मी थे, जो एक लापता किशोरी की जांच के सिलसिले में चिंतामन क्षेत्र की ओर जा रहे थे। रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान थाना प्रभारी अशोक शर्मा का शव बरामद हो गया, सब-इंस्पेक्टर मदनलाल निनामा और महिला कांस्टेबल आरती पाल की मृत्यु की पुष्टी.। View this post on Instagram कर्तव्यनिष्ठ एवं समर्पित उन्हेल थाना प्रभारी श्री अशोक शर्मा को पुलिस परिवार द्वारा गार्ड ऑफऑनर के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन जोन, पुलिस उप महानिरीक्षक उज्जैन एवं पुलिस अधीक्षक उज्जैन ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें कंधा दिया। अत्यंत दु:खद …“उज्जैन पुलिस परिवार अपने कर्तव्यनिष्ठ थाना प्रभारी, उप निरीक्षक एवं महिला आरक्षक के आकस्मिक निधन से गहरे शोकाकुल है।आप सभी का पुलिस सेवा में समर्पण, कर्तव्यपरायणता एवं योगदान सदैव याद रखा जाएगा।ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवारजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करें।” हादसे का विवरण:घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे हुई, जब कार चक्रतीर्थ से कार्तिक मेला मैदान की ओर जा रही थी। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, कार जूना सोमवारिया से बड़े पुल की ओर आ रही थी, तभी तेज बारिश और नदी के उफान के कारण यह अनियंत्रित हो गई और बिना रेलिंग वाले पुल से नदी में समा गई।”प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार पिलर से टकराकर नदी में गिरी, और तेज बहाव ने इसे करीब 2-3 किलोमीटर दूर ले गया। कार में तीनों पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे—उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और महिला आरक्षक आरती पाल। वे गुराड़िया सांगा गांव से लापता 14 वर्षीय लड़की की तलाश में उज्जैन पहुंचे थे। रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतियां:सूचना मिलते ही महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल और होमगार्ड की टीम मौके पर पहुंची। रात में शुरू हुए रेस्क्यू को अंधेरे के कारण रोक दिया गया, और रविवार सुबह 5:30 बजे दोबारा शुरू किया गया। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निगम और होमगार्ड की टीमें नाव, गोताखोरों और दो ड्रोनों की मदद से सर्चिंग कर रही थी।” एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि नदी का बहाव तेज और पानी मटमैला होने से कार का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। अशोक शर्मा का शव भैरवगढ़ पुल के नीचे मंगलनाथ क्षेत्र में मिला, जो हादसे वाली जगह से करीब 8 किलोमीटर दूर है। थाना प्रभारी अशोक शर्मा, महिला कांस्टेबल आरती पाल, एसआई मदनलाल , का शव भी बरामद हो चुका है। सुरक्षा चिंताएं:यह हादसा भारी बारिश के कारण शिप्रा नदी के उफान पर होने के बीच हुआ, जब रामघाट और आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो चुके थे। एसपी प्रदीप शर्मा ने शुक्रवार को ही पुल का निरीक्षण किया था और 24 घंटे पुलिस तैनाती, लाइफ जैकेट और बैरिकेडिंग के निर्देश दिए थे। फिर भी, बिना रेलिंग वाला पुल और तेज बहाव ने हादसे को आमंत्रित किया। गणेश विसर्जन के दौरान घाट पर भीड़ होने से रेस्क्यू में अतिरिक्त चुनौतियां आईं। पुलिस महकमे में शोक:इस घटना से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। एसपी प्रदीप शर्मा ने इसे “अत्यंत दुखद” बताते हुए कहा कि तीनों अधिकारी ड्यूटी पर थे और लड़की की तलाश में रात में रवाना हुए थे। सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट्स में श्रद्धांजलि दी जा रही है, जहां लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना की है। यह हादसा नदी पुलों की सुरक्षा और मानसून में सतर्कता की आवश्यकता पर सवाल खड़े करता है। रेस्क्यू टीमें दिन-रात काम कर रही हैं, और लापता आरती पाल के सुरक्षित मिलने की उम्मीद बनी हुई है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन जयपुर के “ग्रेस होम” में मणिपुरी बच्चियों के साथ यौन शोषण का दिल दहलाने वाला खुलासा. अब सिर्फ कहानी है..✍️ नन प्रकरण : छत्तीसगढ़ महिला आयोग से आदिवासी युवतियों को न्याय की उम्मीद नहीं, बृंदा करात ने आयोग को लिखा पत्र
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