जयपुर, 2013: एक ईसाई मिशनरी संस्था “ग्रेस होम” में 7 से 15 साल की मणिपुरी लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण का भयावह मामला सामने आया था। जयपुर पुलिस, राजस्थान चाइल्ड राइट्स कमीशन और NGO FXB इंडिया सुरक्षा की संयुक्त कार्रवाई में इस अवैध बाल गृह से 53 बच्चों को छुड़ाया गया, जिनमें 29 लड़कियां और 24 लड़के शामिल थे। इनमें से 15 मणिपुरी लड़कियों की मेडिकल जांच ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए थे।

यौन शोषण और स्वास्थ्य स्थिति:

मेडिकल जांच में पाया गया कि 15 में से 13 लड़कियों का कौमार्य भंग हो चुका था, जो यौन शोषण की पुष्टि करता है। इनमें से 9 लड़कियों को ल्यूकोरिया (योनि स्राव से संबंधित संक्रमण) था, जो अक्सर बार-बार यौन संबंध या खराब स्वच्छता के कारण होता है। एक लड़की ने बलात्कार की बार-बार की घटनाओं की शिकायत की, जबकि दूसरी ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया। बच्चों को अंधेरे कमरों में रखा गया, जिससे उनमें विटामिन D की कमी हो गई। बचाव के समय कई लड़कियों के हाथ-पैर कांप रहे थे, और उन्हें रिकेट्स जैसी बीमारियां थीं। वर्तमान में इन्हें विटामिन D की गोलियां दी गई थी विटामिन डी की कमी के लिए।

अमानवीय हालात:

“ग्रेस होम” में बच्चों को अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था। छापे के दौरान वहां 600 खाली शराब की बोतलें, सड़े हुए सब्जियां और टूटा शौचालय मिला। 2004-2009 के बीच इस संस्था से लौटे 4 बच्चों की मौत की भी खबर है—दो की ट्रेन में, एक की घर पर, और एक की टीबी से। एक लड़की गर्भवती होकर लौटी, जिसका बच्चा उसकी दादी के पास है, लेकिन वह खुद गायब है।

मुख्य आरोपी और कानूनी कार्रवाई:

संस्था का संचालक, पादरी जैकब जॉन, इस मामले का मुख्य आरोपी है। उसे मई 2013 में नागालैंड पुलिस और जून में मणिपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। उस पर POCSO एक्ट, ट्रैफिकिंग, अवैध हिरासत और यौन शोषण के आरोप हैं। जांच में पाया गया कि उसने बच्चों को प्रभावित करने के लिए “ZIFI-100” दवा का इस्तेमाल किया। 2013 में चार्जशीट दाखिल हुई, लेकिन 2025 तक मामले की सुनवाई की ताजा स्थिति स्पष्ट नहीं है।

मीडिया की चुप्पी:

यह मामला कुछ समाचार पत्रों (जैसे द इंडियन एक्सप्रेस, नागालैंड पोस्ट) में छपा, लेकिन मुख्यधारा टीवी चैनलों पर इसे ज्यादा कवरेज नहीं मिला। अगर यह मामला किसी अन्य धार्मिक संदर्भ से जुड़ा होता, तो शायद इसे अधिक तूल दिया जाता। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) की निगरानी पर सवाल उठाती है।

बच्चियों का भविष्य:

बचाई गई बच्चियों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया था, और मणिपुर के एक्टिविस्ट्स ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) को इसकी रिपोर्ट दी। यह मामला भारत में ट्रैफिकिंग और शेल्टर होम्स में शोषण के गंभीर मुद्दे को उजागर करता है। समाज और सरकार को ऐसी घटनाओं पर कड़ा रुख अपनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में बच्चे सुरक्षित रहें।

NEWS NATIONAL WORLD's avatar

By NEWS NATIONAL WORLD

NNW NEWS NATIONAL WORLD MP/CG NEWS, समाचार, क्राइम, जन समस्या, पॉलिटिक्स, बॉलीवुड, सामाजिक,इत्यादि। मीडिया समूह का ऑनलाइन हिंदी समाचार पोर्टल है, जो की राजनीति, खेल, मनोरंजन, व्यवसाय, जीवन शैली, कला संस्कृति, पर्यटन से जुड़ी खबरों को हिंदी भाषा में एक ही स्थान पर लेटेस्ट ब्रेकिंग न्यूज के साथ प्रदान करता है। अंकुल प्रताप सिंह,बघेल +91 8516870370 सब एडिटर गौरव जैन इंदौर +91 98276 74717 सह संपादक आमिर खान इंदौर +91 9009911100, प्रदीप चौधरी, संभाग ब्यूरो चीफ इंदौर +919522447447, रीवा जिला ब्यूरो चीफ कुशमेन्द्र सिंह +91 94247 01399.

प्रातिक्रिया दे

You missed

Translate »

Discover more from NNWORLD

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading