पटना, प्रदीप चौधरी ।।पटना के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) में एक बेहद दुर्लभ मेडिकल केस सामने आया है, जहां एक मरीज की दाईं आंख में दांत उग आया था। 42 वर्षीय रमेश कुमार, जो सिवान जिले के निवासी हैं, को लंबे समय से आंख में दर्द, सूजन, धुंधला दिखाई देना, सिरदर्द, चक्कर और सुस्ती की समस्या हो रही थी। स्थानीय इलाज से राहत न मिलने पर वे IGIMS पहुंचे। जांच के दौरान डॉक्टरों ने CBCT (Cone Beam Computed Tomography) स्कैन कराया, जिसमें पता चला कि उनकी दाईं आंख के ठीक नीचे ‘फ्लोर ऑफ द आर्बिट’ में एक दांत विकसित हो चुका था। IGIMS के ओरल मेडिसिन एंड रेडियोलॉजी विभाग की हेड डॉ. निम्मी सिंह ने बताया कि यह एक डेवलपमेंटल एनोमली (विकास संबंधी विसंगति) है। गर्भावस्था के दौरान दांत बनने वाली कोशिकाएं गलत जगह (आंख के पास) पर विकसित हो गईं, जिससे दांत का जड़ वाला भाग आंख के नीचे और ऊपरी हिस्सा मैक्सिलरी साइनस में पनप गया। शरीर ने इसे विदेशी वस्तु मानकर सिस्ट बना लिया, जिससे चेहरे पर गांठ और हड्डी गलने की समस्या हुई। 11 अगस्त को डॉक्टरों की टीम ने जटिल सर्जरी कर दांत को सफलतापूर्वक निकाल दिया। सर्जरी मुंह के अंदर से (इंट्रा ओरल) की गई ताकि चेहरे पर कोई निशान न रहे। करीब 10-12 टांके लगाए गए। अब रमेश पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी आंखों की रोशनी सामान्य है। डॉक्टरों के अनुसार, यह भारत में गिने-चुने मामलों में से एक है, जहां आंख में दांत उगने की स्थिति (Ectopic Tooth या Supernumerary Tooth) देखी गई। इससे पहले 2020 में चेन्नई में ऐसा एक केस दर्ज हुआ था। यह मामला मेडिकल साइंस के लिए चुनौतीपूर्ण और शिक्षाप्रद है, जो मानव शरीर की जटिलताओं को दर्शाता है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आरएसएस : दोरंगी चाल के सौ साल 60 करोड़ की धोखाधड़ी में शिल्पा शेट्टी-राज कुंद्रा की मुश्किलें बढ़ीं, शिकंजा कसा; लुक आउट सर्कुलर जारी, आरोपों को किया खारिज