प्रदीप चौधरी। इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पर्दाफाश किया है, जिसमें शहर के एक डॉक्टर से करीब 1 करोड़ 72 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपी राकेश सुमन ने डॉ. सुभाष केसरिया और उनके परिचितों को आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह राशि हड़पी। मामले का विवरणजानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 से 2024 के बीच राकेश सुमन ने डॉ. सुभाष केसरिया से संपर्क स्थापित किया। उसने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए दावा किया कि वह डॉक्टर के रिश्तेदारों को ASI में नौकरी दिलवा सकता है। डॉ. केसरिया के पिता भी ASI में अधिकारी रह चुके थे, जिसके चलते उन्होंने सुमन पर भरोसा कर लिया। आरोपी ने पांच-छह लोगों की नियुक्ति के नाम पर नकद, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और विभिन्न बैंक खातों में 1.72 करोड़ रुपये जमा करवाए। जब पीड़ित ने नौकरी के लिए दबाव बनाया, तो सुमन ने फर्जी नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र उपलब्ध कराए, जो बाद में विभागीय जांच में नकली साबित हुए। शिकायत मिलने पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राकेश सुमन, जो लसूड़िया थाना क्षेत्र का निवासी है, को हिरासत में लिया। उसके खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (जालसाजी के उद्देश्य से दस्तावेज बनाना), 471 (जाली दस्तावेज का उपयोग), और 472 (जाली दस्तावेज बनाने की सामग्री रखना) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। क्राइम ब्रांच की कार्रवाईएडिशनल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि फर्जी नियुक्ति पत्र और सील कहां से बनवाए गए, सुमन ने किन-किन लोगों से संपर्क किया, और क्या इस ठगी के नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा, आरोपी द्वारा इस अवधि में अर्जित संपत्तियों की जांच भी की जा रही है। यदि अन्य पीड़ित या सहयोगी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ठगी का तरीकारिपोर्ट्स के अनुसार, सुमन ने न केवल नकद और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए पैसे लिए, बल्कि पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए फर्जी दस्तावेज, जैसे नियुक्ति पत्र, रेलवे आईडी कार्ड, और यहां तक कि सीबीआई नोटिस तक बनाए। उसने सरकारी नंबरों से कॉल करके डॉ. केसरिया को विश्वास में लिया। इस मामले की शिकायत डॉ. केसरिया ने पहले भोपाल के टीटी नगर थाने में भी की थी, लेकिन वहां कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः, इंदौर क्राइम ब्रांच ने शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया। आगे की जांचपुलिस अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह ठगी एक बड़े संगठित गिरोह का हिस्सा है। क्राइम ब्रांच ने संकेत दिए हैं कि इस तरह की ठगी में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके नाम पूछताछ में सामने आ सकते हैं। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि सुमन ने इस तरह की धोखाधड़ी अन्य लोगों के साथ तो नहीं की।इंदौर क्राइम ब्रांच ने आमजन से अपील की है कि किसी भी तरह की ठगी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी थाने, NCRP पोर्टल, या साइबर हेल्पलाइन 7049124445 पर संपर्क करें। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन युवक के सुसाइड के 10 दिन बाद सामने आया दिल दहलाने वाला वीडियो: पत्नी, प्रेमी और उनकी दोस्त को ठहराया मौत का जिम्मेदार बड़ी खबर. यूट्यूब पर