इंदौर के हीरा नगर थाना क्षेत्र के श्याम नगर NX में जन्माष्टमी की रात (16 अगस्त 2025) को पार्किंग को लेकर हुए विवाद में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का मामला सामने आया है। 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला मनोरमा पंवार ने पुलिस पर पड़ोसी अशोक भालेकर के पक्ष में कार्यवाही करने का आरोप लगाया है। मनोरमा ने जन सुनवाई में न्याय की गुहार लगाते हुए बताया कि उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया, जबकि उनके खिलाफ ही FIR दर्ज कर ली गई। घटना का विवरण मनोरमा पंवार, पति लखन सिंह पंवार, मूल रूप से विजय नगर की निवासी हैं और वर्तमान में श्याम नगर NX में किराए के मकान में रह रही हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर उनके घर में 56 भोग महाप्रसादी का आयोजन था। रात 11:30 बजे मेहमानों की गाड़ी पार्किंग को लेकर पड़ोसी अशोक भालेकर ने नशे की हालत में गाली-गलौज शुरू की। मनोरमा ने विनम्रता से गाड़ी हटाने की बात कही, लेकिन अशोक ने अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए उनके परिवार को धमकाया। विवाद को शांत करने के लिए मनोरमा ने गाड़ी हटवा दी। अगली सुबह (17 अगस्त 2025) अशोक फिर उनके घर पहुंचा और गाली-गलौज के साथ मारपीट की। मनोरमा का आरोप है कि अशोक, उसकी पत्नी और बच्चों ने डंडों व हथियारों से उनकी बहू लता पंवार, पौती अम्बिका पंवार और उन पर हमला किया, जिसमें उनके सिर पर चोट आई। अशोक ने परिवार को जान से मारने, हाथ-पैर काटने और कॉलोनी से मकान खाली करने की धमकियां भी दीं। पुलिस की एकतरफा कार्रवाई मनोरमा ने हीरा नगर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया और मामले को आपसी विवाद बताकर टाल दिया। दूसरी ओर, अशोक भालेकर, जो सूत्रों के अनुसार गाड़ियों की सीजिंग का काम करता है (घर के अंदर वाहन खड़े हैं..!) और थाना क्षेत्र में अच्छी पहचान रखता है, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिना जांच के मनोरमा और उनके परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। मनोरमा का कहना है कि अशोक की स्थानीय प्रभावशाली छवि का फायदा उसे मिला। परिवार में दहशत मनोरमा ने बताया कि उनका परिवार सभ्य और शिक्षित है, जो झगड़ों में विश्वास नहीं रखता। अशोक की धमकियों और मारपीट के बाद परिवार दहशत में है। अशोक के कथित राजनीतिक संबंधों और गुंडों से दोस्ती के कारण परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। मनोरमा ने पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और अशोक भालेकर, उसकी पत्नी व बेटे के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जन सुनवाई में न्याय की गुहार पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट मनोरमा ने जन सुनवाई में आवेदन देकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जल्दबाजी और एकतरफा कार्रवाई संदेह पैदा करती है। इस मामले ने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला इंदौर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाता है। बुजुर्ग महिला की शिकायत पर ध्यान न देना और प्रभावशाली व्यक्ति के पक्ष में त्वरित FIR दर्ज करना निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को दर्शाता है। पुलिस से अपेक्षा है कि वह पूरे मामले की गहन जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाए। बच्ची का विवरण और परिवार की गुहार लल्ली डोरे, जो न तो सुन सकती है और न ही बोल सकती है, संवाद करने में पूरी तरह असमर्थ है। परिजनों ने बताया कि वह उनकी छोटी बहन है और उसका गायब होना परिवार के लिए गहरा सदमा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर लल्ली कहीं दिखे, तो तुरंत मोबाइल नंबर 6267668373 पर संपर्क करें। परिवार ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से इस संदेश को अधिक से अधिक शेयर करने की गुहार लगाई है, ताकि बच्ची को जल्द से जल्द ढूंढा जा सके। पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल..? परिजनों का कहना है कि उन्होंने हीरा नगर पुलिस को तुरंत सूचना दी और सीसीटीवी फुटेज भी प्रदान किए, लेकिन पुलिस ने इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई। परिवार ने थाने का कई बार घेराव किया, मगर कोई प्रगति नहीं हुई। यह मामला हाल ही में सामने आए एक अन्य मामले की याद दिलाता है, जिसमें 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला मनोरमा पंवार ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया था। इन घटनाओं ने हीरा नगर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जनसेवा की शपथ पर सवाल….. View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन धूमधाम से मनाया गया भारतीय जनता पार्टी इंदौर ग्रामीण के जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा का जन्मदिन प्रेमी के घर तीसरी मंजिल से युवती ने लगाई छलांग, तारों में उलझने से बची जान