न्यू खिज़राबाद में नशे की लत के खिलाफ जंग – एकजुट हो, आवाज़ उठाओ! मुहिम. इंदौर। सलमान अंसारी…न्यू खिज़राबाद, खजराना (इंदौर) में नशे की लत अब एक सामाजिक जख्म बन चुकी है, जो न केवल युवाओं को निगल रही है, बल्कि पूरे समाज की शांति और सुरक्षा को तार-तार कर रही है। खबरें तो कई बार छपीं, पर नशेड़ियों पर नकेल कसने में नाकामी ने रहवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। शिकायत करने वालों के घरों के बाहर नशेड़ी खुलेआम गुंडागर्दी करते हैं, और पुलिस की उदासीनता ने खजराना को नशे का गढ़ बना दिया है। नशे का कहर: गलियों में डर, घरों में बेचैनीस्थानीय लोग बताते हैं कि पार्क, गलियां और सुनसान कोने अब नशेड़ियों के अड्डे बन चुके हैं। महिलाएं और बच्चे घर से निकलने में डरते हैं, दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हो रहा है। नशे में धुत लोगों की हिंसक और अशोभनीय हरकतें इलाके की शांति को भंग कर रही हैं। रहवासी अब तंग आ चुके हैं और मांग कर रहे हैं कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर तुरंत कार्रवाई करे। समाधान की राह: जागरूकता, कार्रवाई और पुनर्वासनशे के इस जाल को तोड़ने के लिए समाज और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। जागरूकता अभियान: आरडब्ल्यूए, युवा संगठन और समाजसेवी संस्थाएं मिलकर नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम शुरू करें। पुलिस की सख्ती: नियमित गश्त, नशे के अवैध कारोबार पर नकेल और नशेड़ियों पर कानूनी कार्रवाई जरूरी है। पुनर्वास की पहल: नशे की लत में फंसे लोगों को पुनर्वास केंद्रों के जरिए नई जिंदगी दी जाए। “नशा मुक्त खजराना, सुरक्षित खजराना”न्यू खिज़राबाद के रहवासियों की यह पुकार अब केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि एक सामाजिक आंदोलन की शुरुआत है। आइए, हम सब मिलकर इस नासूर को जड़ से उखाड़ें और अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित, स्वस्थ और सभ्य मोहल्ला बनाएं। नारा: स्वस्थ समाज, नशा मुक्त समाज! View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस की अनूठी पहल: “नशे से दूरी है ज़रूरी” अभियान में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड ‘लोकजतन’ सम्मान : कॉर्पोरेट विरोधी पत्रकारिता के आइकॉन थे मुकेश चंद्राकर