आशा ऊषा कर्मचारियो ने शहर में रैली निकालकर जताया विरोध। रीवा । संयुक्त ट्रेड यूनियनों की आज रीवा में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल किया जा रहा है। जिसमे किसान, मजदूर,आशा ऊषा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ, दैनिक वेतन भोगी,सरकार की जनविरोधी नीतियों, श्रम कानूनों में परिवर्तन, निजीकरण का विरोध, आउट सोर्स के माध्यम से कर्मचारियो की नियुक्त बन्द हो सहित कई मुद्दों को लेकर हड़ताल किया जा रहा है। उस दौरान आशा ऊषा के महिला कर्मचारियो ने शहर में रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए शासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।जहा पर सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष मौजूद रहे। जिसमे मुख्य रूप से काली श्रम सहितायें वापस लो, मजदूरों आशा ऊषा कर्मचारियो को 26000 रुपये न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाय। बैंक/बीमा/पोस्टल एवं सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगाया जाय।आँगन बाड़ी/आशा-ऊषा/मध्यान भोजन कर्मी सहित सभी योजना कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा दिया जाय।सेवा निवृत्त कर्मचारियों/मजदूरों के लिये 9000/-रु. न्यूनत पेंशन सुनिश्चित किया जाय।समान काम समान वेतन सुनिश्चित किया जाय,बेरोजगारी महँगाई पर रोक लगाई जाय । आउट सोर्स/टेका/संविदा/दैनिक वेतन भोगी/विनियमित योजना के अंशकालिक अस्थाई श्रेणी के श्रमिकों को स्थाई कर्मचारी का दर्जा दिया जाय।पुरानी पेंशन बहाली, NPS और UPS बंद किया जाय। जहा पर हड़ताल के दौरान सेन्ट्रल आफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (CITU), इंटक, एटक, आल इंडिया बैंक एम्पलाइज एसोशियेशन (AIBEA) आल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लाइज एसोशियेशन (AIIEA), आल इंडिया पोस्टल एम्प्लाइज यूनियन (AIPEU), बी.एस.एन.एल यूनियन सहित कई संस्था के कर्मचारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सीबीआई ने मोनिका कपूर को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया, 25 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में हिरासत फरार तस्कर नारकोटिक्स इंदौर विंग की गिरफ्त में