भोपाल ब्रेकिंग।। प्रदीप चौधरी। अशोकनगर में कांग्रेस के न्याय सत्याग्रह कार्यक्रम के दौरान ग्वालियर ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर के विवादित बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। गुर्जर ने मंच से कहा, “जो मर्द थे वो जंग में गए, जो हिजड़े थे वो संघ में गए।” यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर के बयान पर बवाल।अशोकनगर की सभा में दिया था आपत्तिजनक बयान।किन्नर समाज ने जताई कड़ी आपत्ति।किन्नर महा मंडलेश्वर ने जताई नाराजगी।कहा – विधायक तुरंत माफी मांगें।समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाई गई।बयान को लेकर विरोध तेज होने के आसार। ग्वालियर ग्रामीण विधायक साहब सिंह गुर्जर के विवादित बयान विश्वास सारंग का पलटवारमध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने इस बयान को फूहड़ता और गुटबाजी का प्रबल उदाहरण करार देते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी गलतियों को छिपाने के लिए कानून और संविधान को नीचा दिखाती है। सारंग ने सवाल उठाया कि क्या गुर्जर का यह बयान उन कांग्रेस नेताओं—जैसे कमलनाथ, अजय सिंह, और पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव—के लिए था, जो इस प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए। उन्होंने इसे थर्ड जेंडर और महिलाओं का अपमान बताया और बयान को बेहद निंदनीय करार दिया। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग कांग्रेस के मंच से विवादकार्यक्रम में दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार, और जयवर्धन सिंह जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे। सारंग ने कहा कि ऐसे मंच से प्रदर्शन में शामिल न होने वाले नेताओं को हिजड़ा कहना असंवैधानिक है और यह दर्शाता है कि कांग्रेस *गुटबाजी और अराजकता फैलाने में लगी है। साहब सिंह गुर्जर का बयानअशोकनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में साहब सिंह गुर्जर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधते हुए यह विवादित टिप्पणी की। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद बीजेपी ने इसे कांग्रेस की मानसिकता का प्रतीक बताया। बीजेपी की रणनीतिबीजेपी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है, इसे कांग्रेस की असहिष्णु और अपमानजनक राजनीति का उदाहरण बताते हुए। पार्टी का कहना है कि यह बयान न केवल RSS बल्कि समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करता है।यह विवाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नया तनाव पैदा कर सकता है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है, लेकिन बीजेपी इसे पूर्ण रूप से भुनाने की कोशिश में है। इस घटना ने एक बार फिर सियासी बयानबाजी और नैतिकता पर बहस छेड़ दी है। View this post on Instagram Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदिरा गांधी की इमरजेंसी बनाम संघ-भाजपा का अघोषित आपातकाल सीबीआई ने मोनिका कपूर को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया, 25 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में हिरासत