बीमार एवं प्रसवयुक्त महिलाओ का सहारा बना खाट

जवा ।  एक तरफ प्रदेश सरकार एवं उनके सांसद विधायक हर मंच से यह कहते हुए थकते नही है कि मेरे द्वारा एवं मेरे सरकार द्वारा गांव गांव में सड़को का जाल बिछा दिया गया, 24 घंटे बिजली और गांव गांव में पानी की व्यवस्था करायी गयी है लेकिन धरातल में कुछ भी नजर नही आता है।

गांवो में बिजली की स्थिति दयनीय है गर्मी में पानी के लिए लोग भटकते रहते है और अब बरसात में लोगो के चलने के लिए रास्ते नही है ग्रामीण कीचड़ व दलदल भरे रास्ते से निकलने को मजबूर है।

इसी तरह का मामला रीवा जिले के जवा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत झलवा में देखने को मिला है जहा पर सरपंच सचिव के निष्क्रियता के चलते बरसात के दिनों में मुख्य मार्ग तक पहुचने के लिए कीचड़नुमा व दलदल भरे से रास्ते से गुजरना होता है।

यदि गांव का कोई ब्यक्ति बीमार पड़ जाए, किसी की मृत्यु हो जाये या किसी महिला की डिलेवरी होनी हो तो उसे खाट के सहारे मुख्य मार्ग तक पहचाना पड़ता है। इसके बाद भी ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की नींद नही खुल रही है जिनके निष्क्रिय रवैये के चलते ग्रामीण परेशान है।
जिसे देखते हुए शासन प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है।
वही ग्रामीणों का कहना है कि जितने भी ग्राम पंचायत में निर्माण कार्य कराए गए है वो सभी गुणवत्ता विहीन कार्य है यदि आज भी इनकी जांच की जाए तो निर्माण कार्यो की पोल खुल सकती है।

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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