प्रदेश में गिट्टी क्रेशर से संबंधित मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का गिट्टी क्रेशर हड़ताल और अवैध उत्खनन पर बयान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिट्टी क्रेशर हड़ताल और अवैध उत्खनन के मुद्दे पर अभी तक कोई प्रत्यक्ष और विशिष्ट बयान जारी नहीं किया है। हड़ताल पर स्थिति: इंदौर, खरगोन, और उज्जैन सहित प्रदेश के कई हिस्सों में स्टोन क्रेशर संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल (10 जून 2025 से शुरू) के कारण गिट्टी की आपूर्ति ठप है। यह हड़ताल खनिज विभाग के सैटेलाइट सर्वे, डिजिटल सीमांकन, और पर्यावरण स्वीकृति की जटिलताओं के विरोध में है। स्टोन क्रेशर संगठनों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे हैं, जिसमें सैटेलाइट सर्वे से उत्पन्न समस्याओं को हल करने और 5 हेक्टेयर से कम की खदानों को पर्यावरण अनुमति से मुक्त करने की मांग की गई है। सरकारी प्रतिक्रिया: अब तक मुख्यमंत्री या सरकार की ओर से इस हड़ताल पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, कारोबारी समुदाय को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द हस्तक्षेप करेंगे, जैसा कि 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक समान हड़ताल को सुलझाया था। संभावित रुख: मुख्यमंत्री ने हाल ही में उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर दिया है, जैसा कि उनके 5-6 जून 2025 के ट्वीट्स में देखा गया, जहां उन्होंने 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों और रोजगार सृजन की बात की। यह दर्शाता है कि वे औद्योगिक गतिविधियों को सुचारू करने के पक्ष में हैं, लेकिन हड़ताल पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की गई। अवैध उत्खनन पर स्थिति: अवैध खनन, विशेष रूप से रेत और गिट्टी के मामले में, मध्य प्रदेश में एक गंभीर मुद्दा है। विपक्षी नेता कमलनाथ ने 7 जून 2025 को एक ट्वीट में इसे “संगठित घोटाला” करार दिया और सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सरकार की ओर से अवैध खनन पर सख्ती दिखाई गई है, जैसे कि हरदा जिले में 18.67 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया। मुख्यमंत्री का रुख: डॉ. मोहन यादव ने अवैध खनन पर सीधे कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन उनकी सरकार खनिज विभाग के माध्यम से सैटेलाइट निगरानी और ड्रोन सर्वे को बढ़ावा दे रही है, जो अवैध उत्खनन पर अंकुश लगाने का हिस्सा है। यह नीति स्टोन क्रेशर संचालकों की हड़ताल का एक प्रमुख कारण भी बनी है। विपक्ष का दबाव: कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने हड़ताल को सरकार की “असंवेदनशील नीतियों” का परिणाम बताया है, जिससे मुख्यमंत्री पर इस मुद्दे को हल करने का दबाव बढ़ सकता है। निराकरण की संभावना: हड़ताल: स्टोन क्रेशर संगठनों की मांगों पर विचार के लिए सरकार और संचालकों के बीच बातचीत की संभावना है। यदि मुख्यमंत्री हस्तक्षेप करते हैं, तो जून 2025 के अंत तक कोई समाधान निकल सकता है, जैसा कि पहले अनुमान लगाया गया। अन्यथा, बारिश के मौसम (जुलाई 2025) तक यह मुद्दा लंबित रह सकता है। अवैध उत्खनन: सरकार की सख्त नीतियां और डिजिटल निगरानी से अवैध खनन पर नियंत्रण बढ़ रहा है, लेकिन पूर्ण निराकरण के लिए 2025 के अंत तक और प्रयासों की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गिट्टी क्रेशर हड़ताल या अवैध उत्खनन पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। उनकी सरकार उद्योग और रोजगार को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन हड़ताल और अवैध खनन के मुद्दों पर विपक्ष और कारोबारियों का दबाव बढ़ रहा है। इंदौर, मध्य प्रदेश में स्टोन क्रेशर हड़ताल:इंदौर जिले में स्टोन क्रेशर की हड़ताल को एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है, जिसके कारण गिट्टी की आपूर्ति रुक गई है और निर्माण कार्य ठप हो गए हैं। बारिश से पहले निर्माण शुरू करने की योजना बना रहे लोगों की चिंता बढ़ रही है। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी उठाया गया है, जहां सरकार से इसे गंभीरता से लेने की मांग की जा रही है। हरदा, मध्य प्रदेश में अवैध उत्खनन पर कार्रवाई:हरदा जिले के खिरकिया तहसील के ग्राम खरड़ में गिट्टी पत्थर के अवैध उत्खनन के मामले में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने 18 करोड़ 67 लाख 82 हजार 400 रुपये का अर्थदंड लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई खनिज विभाग की सक्रियता को दर्शाती है। बांदा, उत्तर प्रदेश में गिट्टी लोड ट्रक में आग:बांदा के गिरवां थाना क्षेत्र में खुरहण्ड पुलिस चौकी के पास क्रेशर मंडी से गिट्टी लोड कर जा रहे एक ट्रक में अचानक आग लग गई। ड्राइवर और क्लीनर ने कूदकर अपनी जान बचाई। फायर ब्रिगेड ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मालवा मिल से पाटनीपुरा पुल निर्माण कार्य पर भी पड़ सकता है इसका असर. 90 पुल निर्माण कार्य का समय भी नजदीक. नगर निगम की वजह से हुई देरी अपनी जिम्मेदारी समय पर नहीं निभाई. View this post on Instagram मध्य प्रदेश में गिट्टी क्रेशर हड़ताल और अवैध उत्खनन का निराकरण: अपडेट और संभावित समयसीमा गिट्टी क्रेशर हड़ताल: इंदौर हड़ताल: इंदौर में स्टोन क्रेशर संचालकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को एक सप्ताह से अधिक समय हो चुका है, जिसके कारण गिट्टी की आपूर्ति रुक गई है और निर्माण कार्य ठप हैं। यह हड़ताल खनिज विभाग के नए नियमों, विशेष रूप से सैटेलाइट सर्वे और डिजिटल सीमांकन के कारण शुरू हुई, जिससे संचालकों पर अवैध उत्खनन के प्रकरण और जुर्माना लगाया जा रहा है। निराकरण की स्थिति: स्टोन क्रेशर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर सैटेलाइट सर्वे और जीयोटैगिंग से उत्पन्न समस्याओं को हल करने की मांग की है। खनिज और राजस्व विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर विसंगतियों को दूर करने की अपील की गई है। हालांकि, अभी तक कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं दी गई है। सरकार और संचालकों के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन हड़ताल समाप्त होने की तारीख की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संभावित समयसीमा: यदि सरकार और संचालकों के बीच जल्द सहमति बनती है, तो हड़ताल अगले कुछ हफ्तों में समाप्त हो सकती है। अन्यथा, यह बारिश के मौसम (जुलाई 2025) तक लंबित रह सकती है, क्योंकि इस दौरान खनन गतिविधियां आमतौर पर सीमित होती हैं। अवैध उत्खनन: हाल की कार्रवाइयां: हरदा जिले में कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन ने अवैध गिट्टी उत्खनन पर 18.67 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया है, जो खनिज विभाग की सख्ती को दर्शाता है। निराकरण के प्रयास: मध्य प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए ड्रोन निगरानी और टास्क फोर्स गठन जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जैसा कि बिहार में देखा गया है। समयसीमा: अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए सैटेलाइट सर्वे और जीयोटैगिंग को और प्रभावी करने की योजना है। खनिज विभाग और प्रशासन द्वारा नियमित निरीक्षण और जुर्माने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, पूर्ण निराकरण के लिए कोई निश्चित तारीख नहीं है, लेकिन 2025 के अंत तक सख्त नियमों और डिजिटल सीमांकन के लागू होने से स्थिति में सुधार की उम्मीद है। हड़ताल का निराकरण: सरकार और क्रेशर संचालकों के बीच बातचीत के आधार पर हड़ताल जून 2025 के अंत तक या बारिश से पहले समाप्त हो सकती है, बशर्ते नियमों में संशोधन हो। अवैध उत्खनन: सैटेलाइट सर्वे और टास्क फोर्स के माध्यम से अवैध खनन पर नियंत्रण की प्रक्रिया चल रही है, और 2025 के अंत तक स्थिति में सुधार की संभावना है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन बड़नगर पुलिस ने अवैध जहरीली शराब ले जाते आरोपी को किया गिरफ्तार पुलिस टीम पर दबंगो का जानलेवा हमला,दबंगों द्वारा पुलिस आरक्षक और ड्राइवर को जिंदा जलाने का था प्रयास