पीएम आवास का सर्वे न करने पर जिला सीईओ द्वारा भेजा गया था कारण बताओ नोटिस।

नोटिस का नही दिया गया सही जाबाव,फिर भी नही हुई कार्यवाही।

जवा/ जिला सीईओ रीवा के सख्त निर्देश के बाद भी ज्यादातर ग्राम पंचायतों में पदस्थ रोजगार सहायक और सचिव अपनी मनमानी एवं तानाशाही पर उतारू रहते है जिसके चलते ग्राम पंचायत के गरीब, शोषित वर्ग के लोग शासन के महत्वाकांक्षी योजनाओ का लाभ नही प्राप्त कर पाते है। जहा पर कुछ रोजगार सहायक अपने पदों का दुरूपयोग करते हुए स्वयं या अपने रिस्तेदारो व परिवार के लोगो को लाभ देने का काम किया गया है इसके बाद भी उच्च अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही नही करने से उनके हौशले बुलंद है।

विभाग के द्वारा सिर्फ नोटिस पे नोटिस दिया जाता है कार्यवाही नहीं की जाती है बाद में सब कुछ ठीक हो जाता है यदि नोटिस की जगह डायरेक्ट कार्यवाही की जाए तो लोगो मे डर बना रह सकता है।

     इसी तरह का मामला जवा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कशियारी  और ग्राम पंचायत कंचनपुर से सामने आया था जहा के रोजगार सहायक  अंकित तिवारी और दीपक सिंह के द्वारा पीएम आवास सर्वे में कोताही बरती गई थी जिन्हें जिला सीईओ रीवा द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था
जिसमे अंकित तिवारी ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत कसियारी के द्वारा उत्तर तो दिया गया लेकिन सन्तोषजनक नहीं पाया गया तथा दीपक सिंह ग्राम रोजगार सहायक ग्राम पंचायत कंचनपुर के द्वारा उत्तर भी नहीं दिया गया और ना ही उपस्थित हुए।


जिससे शासकीय कार्यों में लापरवाही करना, कार्यों के प्रति रूचि नहीं होना तथा स्वेच्छाचारिता को प्रर्दशित करता है।


इसके बाद पुनः सूचना देकर अंतिम अवसर प्रदान करते हुए निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 02/05/2025 को जिला पंचायत रीवा में अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर अपना बचाव पक्ष प्रस्तुत करें। नियत तारीख को उपस्थित नही होने अथवा जबाव सन्तोषजनक नहीं होने की दशा में आपकी संविदा सेवा समाप्त करने की कार्यवाही की जावेगी जिसके लिए स्वयंमेव जिम्मेदार माने जावेगे।
फिर भी न ही उपथिति हुए न ही संतोषजनक जाबाव दिया गया लेकिन कोई कार्यवाई नही हुई।

इसके बाद जनपद पंचायत जवा द्वारा 19/05/25 को नोटिस की सूचना पत्र जारी कर याद दिलाया की व्हाट्सएप के माध्यम से दिनांक 02/04/2025 को जनपद ग्रुप के माध्यम से सूचित किया गया था जिसे समय 1 बजकर 47 मिनट पर में देखा किया गया है एवं दूरभाष के द्वारा भी सूचित किया गया था इसके बाद भी जाबाव प्रस्तुत नहीं किया गया।और न ही जनपद में कोई जबाव प्रस्तुत किया गया।
अब इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है जब इनके द्वारा जिला सीईओ रीवा और जनपद पंचायत जवा के आदेशों की अबहेलना की जा रही है तो ग्राम पंचायत की जनता और ग्राम पंचायत सरपंच की स्थिति इनके आगे क्या होगी।

वही ग्राम पंचायत कशियारी से दो वीडियो वायरल हो रहा है जिसमे सरपंच रोजगार सहायक से मस्टर जारी करने की बात कर रहा है ताकि मजदूरों का पेमेंट हो सके। तो दूसरे वीडियो में एक महिला पीएम आवास सर्वे के नाम पर रोजगार सहायक पर पैसे मांगने का आरोप लगा रही है। ये आरोप सही है या गलत ये तो सही जांच के बाद ही कहा जा सकता है।
 
   फिलहाल ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत कशियारी में रोजगार सहायक के तानाशाही से गरीब जनता परेशान है तथा ग्राम पंचायत में हितग्राही मूलक कार्य नही हो रहे है।

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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