कार्यवाही नही होने पर कांग्रेस पार्टी रोड पर करेगी आंदोलन। डिप्टी कलेक्टर के जांच रिपोर्ट देने के बाद भी जिला कलेक्टर रीवा द्वारा नही की गई कार्यवाही। रीवा / मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग रीवा के अधिकारियों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से की गई खरीदी एवं आर्थिक अनियमितत पर कार्यवाही करने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष व किसान नेता कुंवर सिंह और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विनोद शर्मा ने रीवा कमिश्नर बीएस जामोद से मिलकर कानूनी कार्यवाही व प्रकरण दर्ज करने का आवेदन दिया गया। View this post on Instagram मामला रीवा जिला अंतर्गत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से की गई खरीदी एवं आर्थिक अधिनियमित से संबंधित 2 करोड़ 10 लाख 47544 के भ्रष्टाचार के जांच प्रतिवेदन पर कानूनी कार्यवाही रीवा जिले में पदस्थ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी गण जिनमे डॉक्टर आरएस पांडे,डॉक्टर एमएल गुप्ता, डॉक्टर बीएल मिश्रा एवं डॉक्टर एन एन मिश्रा जो 20 अगस्त 2018 से 2 नवंबर 2022 तक पदस्थ रहे हैं उनके द्वारा रीवा जिले में स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा प्रदाय सफाई धुलाई एवं बीएमडब्ल्यू प्रबंधन एवं जिला स्तरीय स्वास्थ्य शिविर आजादी के अमृत महोत्सव हेतु बजट प्रदाय का हेड बदलकर एमपीपीएचएससीएल में अनुबंध होने के बावजूद केंद्रीय दर से अधिक दर पर घटिया सामग्री का क्रय किया गया था। उपरोक्त क्रम प्रक्रिया में तय की गई सामग्री ब्लीचिंग पाउडर ड्रेसिंग पद ग्लूकोमीटर ग्लूकोमीटर स्ट्रिप में आधा सामान मगा कर फर्जी तरीके से भुगतान कर पैसों की बंदरबांट कर ली गई। जिसमें भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किया गया जिससे एचएम शाखा द्वारा भुगतान नहीं किया गया है।इसी प्रकार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रीवा द्वारा दस्तक अभियान अंतर्गत कृय एवं क्रियावन में की गई अनियमिताओं में फीडिंग डीएमडी पोर्टल पर दर्ज नहीं की गई। दवाइयो की खरीदी मे शासन की गाइडलाइन का पालन नहीं किया गया तथा दवाइयो को विकास खंडवार नहीं भेजा गया व ग्राम बार एनीमिया के टेस्ट का संचालन नहीं किया गया। इसी प्रकार दस्तक अभियान अनुसार सेवाएं प्रदान नहीं की गई व पोर्टल पर एंट्री फर्जी तरीके से की गई व दस्तक अभियान अंतर्गत बच्चों को दी जाने वाली एंटीबायोटिक निमोनिया प्रबंधन हेतु इंजेक्शन एवं पीडियाट्रिक ब्लड बैंक का वितरण गाइडलाइन के अनुसार नहीं किया गया। जिला खनिज मद अर्थात डीएम एफ में कलेक्टर एवं जिला खनिज न्यास के प्रशासकीय स्वीकृत के आदेश क्रमांक- 2633 दिनांक 20 नवंबर 2019 द्वारा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला रीवा को स्वीकृत 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केदो व 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं 355 सब हेल्थ सेंटरों के सुचारू रूपी संचालन हेतु आवश्यक उपकरण एवं सामग्री कर हेतु 167.42 लाख रुपए की शासकीय स्वीकृति की गई थी।उपरोक्त राशि के बारे में भी मध्य प्रदेश भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं किए जाने एव घोर अनियमितता की गई है जिसमें जिला कलेक्टर रीवा द्वारा जांच दल गठित किया गया जिसमें संजीव पांडेय डिप्टी कलेक्टर सहित 7 सदस्य जांच दल ने जांच करके प्रतिवेदन दिया। जिसमें उदाहरण के तौर पर एक डस्टबिन 30 लीटर की कीमत 244 रुपए 90 पैसे है मध्य प्रदेश पब्लिक हेल्थ सर्विस कॉरपोरेशन लिमिटेड भोपाल के एक्टिव रेट कॉन्टैक्ट डिटेल के अनुसार खरीदी जानी थी लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रीवा द्वारा 30 लीटर डस्टबिन की कीमत 1300 रुपये कर दी गई जो की एक डस्टबिन पर 1055 रुपए अधिक दर से क्रय किया जाना घोर अनियमितता का उदाहरण है। इसी प्रकार मध्य प्रदेश वित्तीय शक्ति पुस्तिका भाग क्रमांक- 2 के अनुसार लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग हेतु स्थानीय स्तर पर सीएमएचओ को 10 लाख रुपए की सीमा निर्धारित की गई है लेकिन रीवा के मुख्य एवं चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा ना तो 10 लाख की सीमा से ऊपर कलेक्टर के पूर्व स्वीकृति के अनुसार खर्च किया गया और ना ही किसी प्रकार का कोई स्वीकृति संबंधी दस्तावेज भेजा गया। इसी प्रकार टैबलेट सीफेक्शम 200 एमजी जिनकी संख्या 1 लाख है मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 399 रुपये प्रति 10× 10 होना चाहिए था लेकिन टैबलेट 20000 की कीमत 999 रुपए के हिसाब से भुगतान की गई।इसी प्रकार से ग्लूको दीप 16 रुपए 50 पैसे की 1600 रुपये के दर से खरीदी गई। जो भयंकर अनियमित है। इसी प्रकार ग्लूकोमीटर सहित अन्य सामग्रियों में भयंकर अनियमित की गई है जबकि संचनालय स्वास्थ्य सेवाएं सतपुड़ा भवन भोपाल के पत्र क्रमांक 169 /2017 भोपाल दिनांक 24 जून 2017 में औषधि उपार्जन मार्गदर्शिका के अनुसार शासन द्वारा प्रदेश के शासकीय चिकित्सा संस्थानों में औषधि सरजीक सुचर सामग्री उपकरण एवं पब्लिक हेल्थ सर्विसेज कॉरपोरेशन का गठन किया गया था। कॉरपोरेशन खुली निविदा द्वारा दरों का निर्धारण कर एमपी औषधि पोर्टल पर दर प्रविष्टि करता है कॉरपोरेशन द्वारा निर्धारित दर अनुबंध के साथ ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा उन्हें आवंटित बजट के अनुसार अधिकतम 20% की सीमा के अंतर्गत स्थानीय दर हेतु निष्पादित दर अनुबंधों के स्थानीय स्तर में ही एमपी औषधि पोर्टल पर प्रवेश किया जाता है तदनुसार औषधि एवं चिकित्सा सामग्री का पोर्टल के माध्यम से ही करे एवं भुगतान किया जाता है मध्य प्रदेश के अंदर समस्त स्टोर कीपर की स्थिति के अनुसार 4 से 5 माह पूर्व आवश्यक दवा एवं सामग्रियों के क्रय हेतु एमपी औषधि पोर्टल में जनरेट करना सुनिश्चित किए जाने का निर्देश हुआ था। साथ में जेम पोर्टल में 5 लाख रुपये से अधिक जेम पोर्टल पर अनियमितता द्वारा क्रय किया जाना निश्चित किया गया था। इसी दर में निविदा की प्रतिभूति व निष्पादन प्रतिभूति के प्रचलित प्रावधान अनुसार स्वीकृत किए जाएगी परंतु रीवा के चिकित्सा अधिकारियों द्वारा एक ही नोट सीट पर स्वीकृत की गई सामग्रियों या करय खंड-खंड में वित्तीय प्रावधानों का अतिक्रमण करते हुए खुली निविदा ना कर सीमित निविदा के द्वारा किया गया है जिससे लगभग 2 करोड़ 10 लाख 47544 का अनियमितता एवं भ्रष्टाचार करके भुगतान किया गया है। इसी प्रकार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर एन एन मिश्रा द्वारा रामकिशोर शुक्ला फार्मासिस्ट ग्रेड-1 का स्थानांतरण 09 /06 /2022 को सिविल सर्जन शह मुख्य अस्पताल अधीक्षक रीवा में अपनी उपस्थिति देने हेतु स्थानांतरण किया गया लेकिन पुनः 6 जून 2022 को ही हस्ताक्षरित आदेश क्रमांक 5861 रीवा दिनांक 10 जून 2022 के द्वारा पुनः जिला स्टोर स्थापना कार्यालय में रामकिशोर शुक्ला फार्मासिस्ट की पदस्थागी का आदेश जारी किया गया जो भी एक भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। जिसके लिए रीवा जिले में पदस्थ डॉक्टर आरएस पांडे, डॉक्टर एमएल गुप्ता, डॉक्टर बी एल मिश्रा, डॉक्टर एन एन मिश्रा द्वारा 2 करोड़ 10 लाख 47544 रुपए के अनियमित भुगतान की जांच का प्रतिवेदन संजीव पांडेय डिप्टी कलेक्टर रीवा सहित सात सदस्य सदस्यों के दल का प्रतिवेदन 2 नवंबर 2022 को जिला कलेक्टर जिला रीवा को दिया गया था लेकिन आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे साफ प्रतीत होता है की जिला चिकित्सा अधिकारियों के साथ जिला कलेक्टर रीवा एवं स्वास्थ्य मंत्री की संलिप्तता लग रही हैयदि जांच कर कानूनी कार्यवाही की जाए व नियम विरुद्ध किए गए भुगतान व दिए गए प्रतिवेदन पर समस्त अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती तो कांग्रेस पार्टी रोड पर जनता के पैसे की बर्बादी के लिए आंदोलन करेगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कुटरचित दस्तावेज से जमीन रजिस्ट्री मामले में कार्रवाई जैसलमेर में न्यूड होकर बकरी चराने वाले बुजुर्ग के साथ अश्लील काम करने वाली लड़की का अब दौसा वाला Video वायरल, पुलिस ने किया गिरफ़्तार.
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