करवड, बामनिया, थांदला एवं मेघनगर में बॉयपास के लिए स्वीकृति बाकी423 करोड के रोड का काम हुआ शुरूझाबुआ : राजेश सोनीसिंहस्थ 2028 को लेकर बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से जुडे मुख्य सडक मार्गो पर कई नई सुविधाऐं मिलने वाली है । इसी कडी में एमपीआरडीसी के अधीन रतलाम रानीसिंग थांदला झाबुआ सडक मार्ग को भी वर्तमान 7 मीटर से बढाकर 10 मीटर का किया जाना है जिसकी आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद निर्माण संबंधी कार्य आरंभ हो गया है। रतलाम-झाबुआ मार्ग 99.82 किमी होकर इसकी लागत 423 करोड रूपए है। सडक निर्माण को लेकर हार्दिक कंस्ट्रक्शन द्वारा रोड के आसपास समतलीकरण का कार्य भी आरंभ कर दिया गया है। इस मार्ग निर्माण में फिलहाल करवड, बामनिया, थांदला एवं मेघनगर में बायपास बनाए जाने की स्वीकृति नहीं है, जिसके लिए 90 करोड रूपयों का प्रस्ताव भेजा गया है। रतलाम-झाबुआ सडक मार्ग बनाने की प्रक्रिया 2024 में आरंभ हुई। टेण्डर प्रक्रिया होने के बाद गत माह एग्रीमेंट हुए और अब कम्पनी हार्दिक कंस्ट्रक्शन ने समतलीकरण का काम शुरू कर दिया है। 99.82 किमी का यह रोड वर्तमान में 7 मीटर का है जिसमें नए निर्माण में 10 मीटर चौडा बनाया जाएगा।आरंभ से ही है परेशानी वर्तमान रोड 7 मीटर चौडा होकर रतलाम से रानीसिंग, करवड, बामनिया होकर थांदला मेघनगर फूलमाल तक जोडता है। जिसकी स्थिति निर्माण के बाद से ही बार बार खस्ताहाल होती गई। पेंचवर्क के बावजूद इस मार्ग पर वाहन चालकों को परेशानी से रूबरू होना पडता रहा है।मिलेगी राहतइस मार्ग के 10 मीटर चौडा बन जाने से रतलाम से पेटलावद, थांदला, मेघनगर तहसील क्षेत्रों के साथ ही गुजरात व राजस्थान के वाहन चालकों को बेहतर सुविधा मिलने लगेगी। इस नए निर्माण में 6 बडे पुल भी बनाए जाएगें जिनमें झाबुआ-रतलाम जिले की सीमा पर माही नदी का पुल भी प्रमुख रूप से शामिल है। नया पुल बनाया जाएगा जो वर्तमान पुल के पास ही समानंतर बनाया जाएगा। यह सडक मार्ग डामरीकृत होगा जिसमें शहरों और गांवों में सीसी रोड बनाया जाना प्रस्तावित है । बॉयपास के लिए भेजा प्रस्ताववर्तमान सडक मार्ग रतलाम से झाबुआ के बीच करवड, बामनिया ,थांदला एवं मेघनगर मुख्य नगरों के मध्य से ही गुजर रहा है। जिसमें करवड में मुख्य बाजार से मार्ग का गुजरना, बामनिया में मुख्य बाजार से गुजरने के साथ ही रेल्वे क्रासिंग की बडी समस्या है। जिसको लेकर आरओबी की स्वीकृति अटकी पडी है, थांदला में भी मार्ग नगर के मध्य से गुजर रहा है, जिससे आवागमन में काफी परेशानी आती है लिंक मार्ग की दूरी अधिक है। इसी तरह मेघनगर में भी सांईचौराहे के व्यस्ततम क्षेत्र से गुजरता हुआ इस मार्ग वाहनों के लिए दिक्कत भरा है। इन चारों स्थानों पर बायपास बनाए जाने आवश्यक है जो कि टेण्डर में नही है, जिसके लिए 90 करोड रूपयों का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है।इनका कहना है –एग्रीमेंट हो चुका है, ठेकेदार ने साफ सफाई के साथ रोड का कार्य आरंभ कर दिया है, दो साल में रोड बना कर देना है।चार बॉयपास की जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव भेजे है। स्वीकृति मिलने पर बायपास बनेगें नहीं मिली तो अभी की साइट पर ही निर्माण होगा, संभावना है कि बायपास बनेगें। – रामगोपाल हटिला, एजीएम, एमपीआरडीसी Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन किसी का घर बर्बाद करना हो तो उस घर के लड़के को शराबी या जुआरी बना दो… मुर्शिदाबाद से कश्मीर तक – जिम्मेदार कौन?