करूणा, विवेक और न्याय से भव्य भवन की आत्मा जागृत होगी- जस्टिक माहेश्वरी

लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए उच्च न्यायालय में 32 जजों की नियुक्ति आवश्यक- जस्टिक कैत

       रीवा/ 4 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीवा में भव्य जिला न्यायालय भवन एवं नवीन विश्राम गृह का लोकार्पण किया गया।
इस पाँच मंजिला भवन के तीन खण्डों में 40 कोर्ट रूम तथा 750 वकीलों के बैठने की व्यवस्था है इसकी कुल लागत 96 करोड़ रुपए है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवीन भवन से रीवा ही नहीं पूरा मध्यप्रदेश गौरवान्वित हुआ है। यह प्रदेश का सर्वश्रेष्ठ जिला न्यायालय भवन है। सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के न्यायाधीश गणों की गौरवमयी उपस्थिति ने इसके लोकार्पण की गरिमा को दुगना कर दिया है। रीवा में 1834 में तब के महाराजा ने दरबार से बाहर दो तरह के न्यायालयों की व्यवस्था की थी। उस समय आमजनता को न्याय सुलभ कराने का जो संकल्प लिया गया था उसे हम पूरा कर रहे हैं।
हमारे देश में राजा हरिश्चन्द्र और महाराजा विक्रमादित्य जैसे प्रतापी और न्यायप्रिय राजाओं की परंपरा रही है। जिन्होंने सदैव जनहित और देशहित में निष्पक्ष होकर न्याय किया।

       मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने न्यायिक प्रणाली को अधिक कारगर बनाने के लिए नये कानून बनाए, नये कानूनों से न्यायिक प्रणाली और लोकतंत्र दोनों समृद्ध हुए हैं। प्रधानमंत्री के पहल पर तीन तलाक के कानून को समाप्त किया गया इससे महिलाओं की बेहतरी हुई।
माननीय सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के संबंध में सराहनीय निर्णय देकर 500 साल के विवाद का अंत किया इसके लिए न्यायालय का अभिनंदन है।
  
    समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार सभी क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार के सक्रिय सहयोग से 30 नवीन न्यायालय भवनों की सौगात मिली है। रीवा का नवीन न्यायालय भवन में न्यायालयीन प्रणाली से जुड़ी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताएं पूरी हो जाएंगी।

  नवीन भवन में मानवीय मूल्यों की स्थापना हो और कारगर न्यायप्रणाली से निष्पक्ष न्याय मिले। देश की प्रगति के लिए मजबूत न्याय प्रणाली का होना आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जे.के. माहेश्वरी ने कहा कि रीवा में राजा विश्वनाथ सिंह ने वर्षों पहले दो न्यायालयों का गठन किया था। मेताक्षरा न्यायालय में हिन्दू धर्म की परंपराओं के अनुसार तथा धर्मसभा में धार्मिक आधार पर न्याय किया जाता था। नवीन न्यायालय भवन बघेली स्थापत्य और आधुनिकता का अनूठा संगम है। इस भवन में जब करूणा, विवेक और न्याय होगा तभी इसकी आत्मा जागृत होगी।

समारोह में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सतीश चन्द्र शर्मा ने कहा कि रीवा में विधि का इतिहास बहुत महत्वपूर्ण है। इसी माटी से निकलकर श्री जीपी सिंह हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा जस्टिस जेएस वर्मा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। यहाँ के कई जज और अधिवक्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रतिभा की चमक बिखेर रहे हैं।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत ने कहा कि अन्य प्रदेशों की तुलना में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में प्रकरण अधिक हैं लेकिन जजों की संख्या कम है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में चार लाख 78 हजार से अधिक मामले लंबित हैं। इनके निराकरण के लिए हाईकोर्ट में 32 नये जजों की नियुक्ति किया जाना आवश्यक है।

     उस दौरान हाईकोर्ट के पोर्टफोलियो जज श्री संजीव सचदेवा ने कहा कि रीवा की न्यायिक प्रणाली देश के संविधान से भी पुरानी है। यहाँ राजशाही विन्ध्य प्रदेश के समय भी मजबूत न्याय व्यवस्था थी। रीवा हाईकोर्ट से बघेलखण्ड और बुंदेलखण्ड के 21 जिलों के प्रकरणों का निराकरण होता था। नवीन न्यायालय भवन से रीवा की न्यायालयीन परंपरा को नया आयाम मिलेगा।

नवीन विश्राम गृह का किया गया लोकार्पण

रीवा राजनिवास सर्किट हाउस परिसर में नवनिर्मित इंडो-यूरोपियन शैली में पुर्नघनत्वीकरण योजना से 656.45 लाख रूपये की लागत से नवीन विश्राम गृह सभी आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा मानकों के अनुसार निर्मित किया गया है  जिसे मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना कर नवनिर्मित विश्राम गृह को लोकार्पित किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवीन सर्किट हाउस रीवा के लिए बड़ी सौगात है। आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह भवन विश्राम करने वालों को सुखद अनुभूति देगा। उन्होंने नवीन सर्किट हाउस निर्माण की पहल के लिए उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल को साधुवाद दिया।
        पुर्नघनत्वीकरण योजना से म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा 2200 वर्ग मीटर में नवनिर्मित विश्राम गृह में 6 स्विट रूम के साथ एक वेंटिंग एरिया, 24 सीटर मीटिंग हॉल, ड्राइंग रूम, 14 सीटर डायनिंग एरिया आदि का निर्माण कराया गया है। भवन में लिफ्ट एवं अग्निशमक यंत्र का भी प्रावधान किया गया है

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By kushmendra

Journlist- NNW News(News National World)

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