आमिर खान। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय ने महिला सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय की महिला सुरक्षा शाखा ने एक निर्देश जारी किया है, जिसमें अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम 1956 के तहत कार्रवाई के दौरान पीड़ित महिलाओं को आरोपी बनाने की प्रथा पर रोक लगाने की बात कही गई है। इस निर्देश के अनुसार, कई जिलों में होटल या ढाबों पर सेक्स वर्क के नाम पर कार्यरत महिलाओं को सीधे तौर पर आरोपी बनाया जा रहा था। लेकिन अब पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के निर्देशों के आधार पर, यदि कोई महिला अपनी मर्जी से सेक्स वर्क कर रही है, तो उसे गिरफ्तार करना या परेशान करना गलत है। पत्र में कहा गया है कि सिर्फ वैश्यालय संचालन ही अपराध की श्रेणी में आता है, न कि सेक्स वर्क करना। View this post on Instagram महिला सुरक्षा शाखा की विशेष पुलिस महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है कि ऐसी महिलाओं को न तो गिरफ्तार किया जाए और न ही उन्हें किसी तरह का उत्पीड़न झेलना पड़े। यह निर्देश जमीनी स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव लाएगा। इस कदम से न केवल कानून के दुरुपयोग पर रोक लगेगी, बल्कि पीड़ित महिलाओं को न्याय मिलेगा और समाज में पुलिस के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा। यह निर्देश पुलिस इकाइयों के लिए एक स्पष्ट संदेश है – कानून का पालन करें, पीड़िता को दोषी न बनाएं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महिला को डिजिटल अरेस्ट कर 5 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार रत्नेश मिश्रा का राष्ट्रीय मेडिकल रिसर्च सेंटर जबलपुर में हुआ चयन