अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से जवाबी टैरिफ का ऐलान का असर सामने आने लगा है। कोविड-19 महामारी की शुरुआत के समय यानी मार्च 2020 के बाद से डॉव ने पिछले दो कारोबारी सत्र में अपना सबसे बड़ा बैक-टू-बैक घाटा दर्ज किया। डॉव दिसंबर के अपने रिकॉर्ड हाई से 10ः से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में बिकवाली और भी अधिक भयावह स्तर पर पहुंच गई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के खतरे चीन की ओर से जवाबी टैरिफ के एलान के बाद शुक्रवार को डॉव में 2,231 अंक या 5.5 प्रतिशत की गिरावट आई। व्यापक एसएंडपी 500 में 5.97 प्रतिशत की गिरावट आई। View this post on Instagram तकनीक-प्रधान नैस्डैक कंपोजिट में में भी 5.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट में 5.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कोविड संकट के बाद बाजार में सबसे अधिक गिरावट दिखी। अमेरिकी में नौकरियों से जुड़े आंकड़े संतोषप्रद रहने के बावजूद बाजार को इसका कोई फायदा नहीं मिल सका। हाल ही में जारी हुई अमेरिकी नौकरियों की रिपोर्ट के बाद बाजारों ने कुछ हद तक अपने नुकसान की भरपाई की। हालांकि, बाजार निवेशकों का भरोसा हासिल करने में असफल रहा। अमेरिकी नौकरी बाजार 2025 की शुरुआत तक अपेक्षाकृत ठोस बना हुआ है। हालांकि, बाजार इन आंकड़ों का फायदा नहीं उठा सका। नैस्डैक 2022 के बाद पहली बार मंदी के दौर में बंद हुआ, जो दिसंबर में अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से 20 प्रतिशत से अधिक नीचे था। डॉव दिसंबर के अपने रिकॉर्ड हाई से 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुआ। सीएफआरए रिसर्च के मुख्य निवेश रणनीतिकार सैम स्टोवल के अनुसार 7 मार्च, 2022 के बाद से पहली बार डॉव इतनी बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। कोविड-19 महामारी की शुरुआत के समय यानी मार्च 2020 के बाद से डॉव ने अपना सबसे बड़ा बैक-टू-बैक घाटा दर्ज किया। एसएंडपी डॉव जोन्स इंडेक्स के वरिष्ठ सूचकांक विश्लेषक हॉवर्ड सिल्वरब्लैट के अनुसार पिछले दो दिनों में एसएंडपी 500 के बाजार मूल्य में 5.06 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट आई। सूचकांक दो दिनों में 10 प्रतिशत से अधिक गिर गया। निवेशकों को डर है कि व्यापार युद्ध में नाटकीय वृद्धि से अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में जा सकती है। जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था और व्यापक वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के इस साल मंदी में डूबने की 60 प्रतिशत आशंका है। विश्लेषकों के अनुसार अगर अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ दुनियाभर के देश जवाबी कार्रवाई शुरू करते हैं तो मंदी की आशंका बढ़ जाएगी। दूसरी ओर चीन ने भी जवाबी टैरिफ का एलान कर दिया। जारी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के डेटा के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने मार्च में 228,000 नौकरियां जोड़ीं, जो फरवरी की बढ़त 117,000 से काफी ज्यादा है। हालांकि, बाजार टैरिफ की चिंताओं के बीच रोजगार के बेहतर आंकड़ों से भी प्रभावित नहीं हो सकता। जानकारों का कहना है कि निवेशकों का ध्यान टैरिफ और व्यापार युद्धों पर केंद्रित है, क्योंकि अमेरिका बाकी दुनिया के साथ चालाकी से पेश आ रहा है, जिससे संभवतः विश्वव्यापी मंदी का एक नकारात्मक चक्र शुरू हो रहा है। अमेरिकी बाजार में गिरावट के बीच निवेशकों ने जोखिम भरे शेयरों से किनारा कर लिया। खास तौर पर ऐसी तकनीकी कंपनियों से निवेशक दूर रहे जिनके उत्पाद विदेशों में बनते हैं और जल्द ही उन पर भारी टैरिफ लग सकता है। एपल के शेयर गुरुवार को 9 प्रतिशत से अधिक गिरा थे, शुक्रवार को इसमें 7.3 प्रतिशत की गिरावट आई। स्टॉक के फ्यूचर्स बाजार खुलने के पहले ही गिर गए। अमेरिकी बाजार में जैसे-जैसे निवेशकों ने शेयर बेचे, उन्होंने सरकारी बॉन्ड सहित पारंपरिक सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख किया। 10 साल की ट्रेजरी यील्ड अक्तूबर के बाद पहली बार गुरुवार को 4 प्रतिशत से नीचे आ गई थी क्योंकि निवेशकों ने संभावित आर्थिक मंदी से खुद को बचाने के लिए बॉन्ड खरीदे। बॉन्ड की कीमतें और यील्ड विपरीत दिशाओं में कारोबार करते हैं। शुक्रवार की सुबह सोने की कीमतें 3,130 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाकर एक नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं थी फिर गिरकर 3,030 डॉलर के आसपास आ गईं। निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश की तलाश के कारण इस साल सोने की कीमतों में उछाल आया है। निवेशकों ने तेल समेत अन्य कमोडिटीज को इस डर से छोड़ दिया कि व्यापार युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी में धकेल सकता है। गुरुवार को करीब 7 गिरने वाले अमेरिकी तेल में 7.4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 61.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स में 6.5 प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिकी तेल और वैश्विक बेंचमार्क दोनों ही 2021 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रामनवमी: राम ही हैं एकता में……….– आइए, भाईचारे का संदेश फैलाएं “नाबालिक की बरामदगी: इंस्टाग्राम दोस्ती से जोबट तक का सफर”