शिक्षा के क्षेत्र में 20 बड़े राज्यों में 15वें पायदान पर मध्य प्रदेश रीवा /मध्य प्रदेश में शिक्षा के गिरते हुए स्तर पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव शिव सिंह एडवोकेट ने कहा कि शासकीय स्कूलों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं मध्य प्रदेश में 20 वर्षों से भाजपा की सरकारें रहीं लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर नहीं रही ऐसे नाजुक हालातो में मध्य प्रदेश के बच्चे रोजगार की दौड़ में बाकी देश के बच्चों से क्या प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे यह बड़ा सवाल आज हम सब के बीच है।मध्य प्रदेश में कुल 94000 से अधिक सरकारी स्कूलें हैं जिनमें कुल संचालित 80000 स्कूलों में से अधिकांश प्राथमिक हैं जहां अधिकांश शासकीय प्राथमिक स्कूलों में पांचवी तक के प्रवेश की सुविधा ही नहीं है और न ही अन्य व्यवस्थाएं हैं जिससे अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में ही दाखिला दिलाना मजबूरी बन गया है वहीं 1275 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं है तथा 6838 स्कूल ऐसे हैं जिनमें केवल एक ही शिक्षक है व्यवस्था की ओर नजर डालें तो 5176 स्कूलों में पेयजल सुविधा नहीं है तथा 44754 स्कूलों में खेल मैदान तक नहीं है 70000 से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं और हाल ही में मोहन सरकार 12876 स्कूलों को बंद करने का खाका भी तैयार कर चुकी है। View this post on Instagram आज शिक्षा के क्षेत्र में 20 बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश 15वें पायदान पर खड़ा है शिव सिंह ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का भी शिक्षा पर कोई फोकस नहीं है सरकार शिक्षा के क्षेत्र में काम नहीं कर रही है धार्मिक आयोजनों एवं पार्टी के प्रचार प्रसार में पानी की तरह पैसा बहा रही है जिसके चलते प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बिगड़ चुकी है बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है आत्महत्या के आंकड़े बढ़ रहे हैं जो देश एवं प्रदेश के भविष्य के लिए खतरा है Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सिंगरौली कोल माइंस इलाके में आदिवासियों की जमीनें बचाने किसान संघर्ष समिति का ऐलान 11 मार्च को पैदल मार्च व संजय गांधी अस्पताल में होगा मौन सत्याग्रह- कुंवर सिंह