इन्दौर। मध्यप्रदेश छोड़ भागा जीतू चौड़ी

पार्षद के घर मारपीट केस; प्रदेश छोड़ भागा जीतू‎:डिजिटल साक्ष्य से जीतू को बनाएंगे आरोपी, 22 गुंडों की हुई पहचान

भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर में घुसकर गुंडागर्दी करने वाले 40 बदमाशों में से 22 की पहचान पुलिस ने कर ली है। उधर, पूर्व एमआईसी सदस्य जीतू यादव (जाटव) गिरफ्तारी के डर से प्रदेश छोड़ भागा है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्य जुटाकर उसे आरोपी बनाने की तैयारी कर ली है। एसआईटी की 2 टीमें शहर से बाहर तलाशी में भेजी हैं। एसआईटी की तीन टीमों ने बाणगंगा, परदेशीपुरा, एमआईजी और विजय नगर थाना क्षेत्र में सर्चिंग की। एडिशनल डीसीपी आनंद यादव ने बताया जिन्हें चिह्नित किया है, वे घर पर नहीं मिले हैं। इनके परिचितों व दोस्तों से पूछताछ कर इनकी जानकारी निकाली जा रही है।

कालरा ने पुलिस को वॉइस रिकॉर्डिंग सौंपी, बयान हुए : उधर, टीआई जूनी इंदौर की टीम ने रविवार को पार्षद कमलेश कालरा को बयान के लिए बुलाया। कालरा ने अपने साथ हुई घटना के संबंध में रविवार को पुलिस को डिजिटल साक्ष्य, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य सबूत दिए।

इंदौर। नेताओं के संरक्षण में गुंडागर्दी करने वाले बदमाशों पे एक लंबे वक़्त के बाद पुलिस की दबंगई देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद पुलिस कमिशनर संतोषकुमार सिंह ने बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा के बेटे एवं उनके परिवार जन के साथ गुंडागर्दी करने वाले बदमाशों पर बड़ा एक्शन लिया हैं।

पुलिस ने भाजपा से निकाले गए पार्षद एवं एमआईसी मेंबर जीतू यादव के दर्जनों समर्थको के घर भारी फोर्स के साथ दबिश दी पुलिस सूची में शामिल जो लोग नहीं मिले उनके रिश्तेदारों को पुलिस ने उठाकर पूछताछ के लिए परदेशीपुरा थाने भेजा।

दबिश के दौरान पुलिस ने तीन पुलिया पर स्थित कमलदीप ज्वेलर्स पर भी छापा मारा लेकिन पार्षद कालरा पर हुए हमले में शामिल कमलदीप ज्वेलर्स के मालिक सोनू पिता वीरेंद्र सिंह ठाकुर नहीं मिला जिसके चलते उसके भाई को पुलिस ने उठाकर थाने पहुंचाया।

पुलिस ने पार्षद कालरा पर हुए हमले में अब तक करीबन एक दर्जन लोगों को हिरासत में लिया हैं लेकिन पार्षद जीतू यादव ( जाटव ) पर पुलिस ने अब तक केस दर्ज नहीं किया हैं।।


जीतू चौड़ी होंगे इंदौर से तड़ीपार

जीतू जाटव को जिलाबदर करने की तैयारी, समर्थकों के 22 ठिकानों पर पुलिस की दबिश

इंदौर पुलिस ने भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर में तोड़फोड़ और हमला करने वाले 22 आरोपितों के ठिकानों पर दबिश दी। आरोपितों में कई निगमकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपितों को चिह्नित किया और उनके ठिकानों पर छापेमारी की।
कमलेश कालरा के घर हुए हमले में पुलिस जीतू को षड्यंत्र का आरोपित मान रही है।
पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 22 आरोपितों को चिह्नित कर सूची बना ली।
कार्रवाई के दौरान भाजपा नेताओं से जुड़े लोगों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की।
भाजपा पार्षद कमलेश कालरा के घर में तोड़फोड़ और हमला करने वाले 22 आरोपितों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। भाजपा से निष्कासित पार्षद जीतू यादव समर्थक आरोपितों में कई तो निगमकर्मी हैं। इधर पुलिस जीतू यादव को जिलाबदर करने की तैयारी में है। दो डीसीपी की निगरानी में हुई छापेमारी से परदेशीपुरा, कुलकर्णीनगर, रुस्तम का बगीचा और भागीरथपुरा में हडकंप मच गया। एक ज्वेलरी शोरूम में तो भाजपा नेताओं से जुड़े लोगों ने पुलिस को रोकने की कोशिश की।
22 आरोपितों की लिस्ट बनाई
शनिवार सुबह पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर 22 आरोपितों को चिह्नित कर सूची बना ली। डीसीपी (जोन-2)अभिनय विश्वकर्मा और डीसीपी (जोन-4) ऋषिकेश मीणा ने परदेशीपुरा और एमआइजी थाने की खुफिया टीम से आरोपितों के मकान-दुकान और उठक-बैठक के अड्डों की रैकी करवा कर एक साथ दबिश दी।
परदेशीपुरा एसीपी (आईपीएस) नरेंद्र रावत, टीआई पंकज द्विवेदी के साथ खुद लालगली (परदेशीपुरा) पहुंचे और जीतू के करीबी लोकेश प्रजापत के घर की तलाशी ली। पुलिस ने पुताई करते हुए लोकेश नामक एक युवक को पकड़ा तो मगर उसने इस घटना में शामिल होने से मना कर दिया।
भागीरथपुर पुल पर जमा हो गई भीड़
इस दौरान भागीरथपुरा पुल पर भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद एसीपी नंदानगर (तीन पुलिया) स्थित कमलदीप मार्केट पहुंचे और आरोपित सोनू बैस उर्फ सोनू सूरवीर की तलाश की। सोनू के पिता का सोना-चांदी व्यवसाय है और तीन पुलिस पर उनकी कमलदीप ज्वेलर्स के नाम से दुकान है।
पुलिस ने दो मंजिला मकान की तलाशी ली और सोनू के भाई उदय को हिरासत में लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद दुकान बंद करवा दी। सोनू के स्वजन ने दबाव बनाने के लिए भीड़ एकत्र कर उदय को पकड़ने का विरोध भी किया।
जीतू पर मारपीट-जुएं के 11 केस, रासुका की तैयारी
पुलिस जीतू को षड्यंत्र का आरोपित मान रही है। मौके पर मौजूद नहीं रहने के कारण सीधे आरोपित नहीं बनाया है। गिरफ्तार आरोपितों के कथन, आडियो रिकार्डिंग और काल डिटेल के आधार पर उसका नाम जोड़ा जाएगा। इधर पुलिस ने जीतू पर दर्ज आपराधिक रिकॉर्ड भी निकाल लिया है।
उसके विरुद्ध मारपीट,जान से मारने की धमकी, जुआं एक्ट, लोक संपत्ति की नुकसानी, बलवा के 11 मामले मिले हैं। पहला अपराध 1999 में परदेशीपुरा थाने में दर्ज हुआ था। जीतू पर आखिरी केस 2019 में दर्ज किया गया था। जीतू की गिरफ्तारी के पहले रासुका(राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम) व जिलाबदर की फाइल तैयार होगी।
पुलिस को इनकी है तलाश
पुलिस ने धनराज उर्फ धन्ना राय, धीरज शिवजीत शिंदे, नवीन राजेंद्र शर्मा, आशीष अशोक मालवीय, संपत नेमीचंद यादव, मिथुन डागर, अभि उर्फ अभिलाष यादव, नितिन अड़गले, देवेंद्र सरोज, सोनू सूरवीर, गोलू आदिवाल, दिलीप बसवाल, नाथु काला, लोकेश प्रजापत, संतोष केमिया,परमजीत उर्फ पम्मी तोमर, विशाल गोस्वामी, दीपू काका, बंटी भोरुड़े, पिंटू शिंदे, अक्षय दुबे और बंटी ठाकुर की तलाश की है।

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