डिजिटल अरेस्ट ऑनलाइन ठगी से संबंधित सूचना आवेदक के मित्र के द्वारा मिलने पर एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया आवेदक के निवास पर पहुंचे जहां उसे अज्ञात ठग द्वारा डिजिटल अरेस्ट रखा गया था और वहां वीडियो कॉल पर ऑनलाइन ठग से बात की ठग द्वारा एडिशनल डीसीपी को देखते ही फोन काट दिया गया पर ठग का वीडियो कॉल पर फोटो और वीडियो प्राप्त हो गया। उक्त के सम्बन्ध में जब आवेदक मोहित से पूछा तो उनके द्वारा बताया कि वह एक टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं उन्हें एक ऑटोमेटिक कॉल सोमवार को आया था जिसमें उनको बोला गया था कि DHLकूरियर सर्विस से यह कॉल है आपके पार्सल में आपत्तिजनक वस्तु होने से पार्सल को द्वारा रोक लिया गया है अधिक जानकारी के लिए एक दबाए और जैसे ही एक दबाकर संपर्क करते है तो अज्ञात के ठग के द्वारा बताया कि हम कोरियर सर्विस से है और आपका जो थाईलैंड पार्सल जाना था उसे एयरपोर्ट पर रोक लिया गया है उसमें कुछ इलीगल एक्टिविटी पाई गई है, इसके लिए दिल्ली साइबर पुलिस को हम आपका कॉल ट्रांसफर कर रहे हैं आप दिल्ली पुलिस से संपर्क कीजिए और दिल्ली पुलिस के नाम से कॉल ट्रांसफर कर अज्ञात व्यक्ति से संपर्क हुआ ठग द्वारा बताया कि हम दिल्ली पुलिस से बोल रहे हैं आपके आधार कार्ड में कई बैंक अकाउंट लिंक है जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और अन्य अवैध गतिविधियां भी हुई है जिसे वेरीफाई करना होगा अन्यथा आपको जेल जाना पड़ेगा उसके बाद आवेदक को बोला गया कि आपके बैंक खाते कितने हैं उसकी जानकारी दो तो आवेदक ने अपने बैंक खातों की जानकारी अज्ञात ठग को दी, उसके बाद आवेदक के बैंक में उपलब्ध पैसे का वेरिफिकेशन करने के लिए कहा कि आपके द्वारा जो भी आपके बैंक खाते में उपलब्ध पैसा है उसका वेरिफिकेशन होना है और सारा अमाउंट RBI के bank अकाउंट में ट्रांसफर करना होगा तो आवेदक के द्वारा तत्काल ऑनलाइन लोन लिया गया और वेरिफिकेशन के नाम से अज्ञात ठग के कहने पर उनके बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपए ट्रांसफर किए उसके बाद आवेदक को उक्त अपराध में जेल से बचने के लिए बेल करवाने के नाम से 35 हजार रुपए वापस प्राप्त किए इस प्रकार कुल आवेदक से 1,35,000 प्राप्त कर ऑनलाइन ठगी की गई और उसके बाद आवेदक के मित्र मा पहुंच गया और क्राईम ब्रांच से संपर्क किया और अभी आवेदक के द्वारा Ncrp पोर्टल पर शिकायत की गई है उक्त शिकायत के आधार पर डिजिटल अरेस्ट ऑनलाइन ठगी के अपराध में फोटो में दिखाई गए मुख्य आरोपी है जिसकी शीघ्र गिरफ्तारी हेतु इंदौर पुलिस आयुक्त महोदय के द्वारा 30,000 रुपए ईनाम की घोषणा की गई है, इस व्यक्ति की कोई भी सूचना/ जानकारी देने हेतु क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस के सायबर हेल्पलाइन तत्काल 7049124445 नंबर पर संपर्क करे । थाना विजय नगर पुलिस ने आज एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक डिजिटल अरेस्ट के शिकार व्यक्ति को सुरक्षित रिहा कराया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीडित के परिवारजन ने थाना विजय नगर से संपर्क किया और बताया कि वह दोपहर 1:30 बजे से गायब हैं।पीडित एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत हैं। दिनांक 18/12/2024 को थाना विजय नगर पर पीड़ित के परिवारजन थाने पर उपस्थित हुये और उन्होंने बताया कि हमारा भाई दोपहर 01.30 बजे से फोन रिसीव नहीं कर रहा है जिस पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीडित के मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की, जो विजय नगर क्षेत्र में स्थित होटल फ्रेंड्स इन में होना पाई गई। पुलिस टीम ने तुरंत होटल में सर्चिग की, जहां उक्त होटल के रूम नंबर 109 में पीड़ित धीरेन्द्र शर्मा एक वर्दीधारी व्यक्ति के साथ अपने मोबाईल के वीडियो कॉल के माध्यम से वार्तालाप करते हुए पाए गए। जैसे ही पुलिस टीम रूम नम्बर 109 में पहुँची तो देखा पीड़ित इतने घबराए हुए थे कि उन्होंने अपने परिवार और पुलिस को देखकर तुरंत फोन काट दिया और अपने कपड़ों में फोन छुपा लिया। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पीड़ित की काउंसलिंग की और उन्हें समझाया कि डिजिटल अरेस्ट और पुलिस की कार्रवाई कभी भी इस प्रकार की वीडियो कॉल के माध्यम से नहीं की जाती है और यह पूरी तरह से अवैध है। काफी देर तक समझाने के बाद पीड़ित ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उन्हें दोपहर 1:30 बजे एक दुबई नंबर से कॉल आई थी जिसमे कहा गया कि उनका नाम मुंबई में किसी कानूनी मामले में शामिल है और उनकी अगली कार्रवाई के लिए उन्हें मुंबई पुलिस को ट्रांसफर किया जा रहा है। इस पर पीडित ने विश्वास कर लिया और एक होटल में जाकर अपने आप को बंद कर लिया, जहां वह लगभग 4 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट में रहे। विजय नगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीडित को वित्तीय नुकसान होने से बचाया। इस सबंध में पीडित से शिकायत ली गई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस प्रकार के फर्जी कॉल्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस टीम-निरी. चन्द्रकांत पटेल, सउनि भूपेन्द्र सिंह गुर्जर, प्र.आर. मुकेश जादौन, आर. राधेश्याम, आर. कपिल, आर. लोकेन्द्र Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी और सामाजिक सौहार्द को बिगड़ने जैसे पोस्ट पर कार्यवाही. राजेंद्र शर्मा के तीन व्यंग्य