एसडीएम सहित सहकारिता निरीक्षक एवं फूड इंस्पेक्टर ने खरीदी केंद्रों का किया निरीक्षण। News National World/त्योंथर/ रीवा जिले की खरीदी केंद्रों में त्योथर और जवा तहसील सदैव सुर्खियों में बनी रहती है। जिसका ताजा मामला अभी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार खरीदी केन्द्रों में व्यापक रूप से अनियमित्ताओं एवं भ्रस्टाचार का का दौर जारी है जहा पर जमकर किसानों के साथ फ़ूड इंस्पेक्टर विनीत मिश्रा एवं सहकारिता निरीक्षक के संरक्षण में खेल जारी है जिन्हें दोनों तहसीलों का प्रभारी भी बनाया गया है जहा पर रजिस्ट्रेशन से लेकर ख़रीदी तक में खेल जारी है। रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य नियंत्रक पी के पाण्डेय, त्योंथर एसडीएम संजय जैन, सहकारिता निरीक्षक अमरीश बघेल एवं फूड इंस्पेक्टर विनीत मिश्रा ने त्यौंथर के विभिन्न खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया है।निरीक्षण के दौरान एसडीएम एवं अन्य अधिकारियों द्वारा किसानों से बात की गई है एवं उनको मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया गया है कि सेवा सहकारी समिति क्रमांक -1 सोहरवा एवं नौबस्ता तथा सेवा सहकारी समिति बरहा क्रमांक -1 बरहा एवं बरहा क्रमांक- 2 कुठिला तथा इसी प्रकार सोहागी क्रमांक-1 एवं सोहागी क्रमांक -2 और मनिका में व्यापक रूप से कमियां पाई गई है लेकिन अधिकारियों द्वारा खरीदी केन्द्रों पर निरीक्षण के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जा रही है।बताया ये जाता है कि अधिकांश धान उत्तर प्रदेश के रास्ते से सोहर्वा और नौबस्ता सहित त्योंथर के सभी खरीदी में धान कहीं न कहीं चोरी छिपे लाई जा रही है किन्तु स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। यदि कहीं पर व्यापारियों की धान भी पकडी गयी तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ले देकर मामला निपटा भी दिये जा रहा है। जिसका संज्ञान स्थानीय प्रशासन द्वारा लिया ही नहीं जा रहा है क्योंकि क्षेत्र के घाघ समिति प्रबन्धकों की हां में हां अधिकारी भी मिलाते हैं जो कहीं न कहीं उनकी संलिप्तता को भी दर्शाता है। जिन समिति प्रबन्धकों को खरीदी केन्द्र मिले भी है और उनकी चमक धमक और ऊपरी पकड़ कमजोर है केवल उन्हीं खरीदी केन्द्रों को अधिकारियों द्वारा भी धमकाया जा रहा है जबकि सबसे ज्यादा अनैतिक और शासन की नीतियों की धज्जियां सोहर्वा नौबस्ता सोहागी मनिका जैसे आदि केन्द्रों में हो रही है। जहां पर किसानों को मिलने वाली सभी सुविधाएं नगण्य है इन खरीदी केन्द्रों में आज से नहीं प्रतिवर्ष अनैतिक खेल अधिकारियों द्वारा खेला जाता रहा है। लेकिन चन्द सिक्कों की खनक से अधिकारियों की आंखें झुंझला जाती रही है रीवा जिले में य़दि कहीं पर सबसे ज्यादा भृष्टाचार देखने को मिलेगा उनमें सोहागी, सोहर्वा, नवस्ता, त्योंथर, गढ़ी चाकघाट और मनिका खरीदीं केन्द्र सबसे अब्बल है इसके अलावा सभी खरीदी केंद्रों में व्यापक भ्रस्टाचार देखने को मिल रहा है किन्तु अधिकारियों की ऐसी साठ गांठ है कि सबसे अधिक पारदर्शिता इन्हीं केन्द्रों में मिल जाती है। जिसमें सबसे बड़ा रोल फ़ूड इंस्पेक्टर विनीत मिश्रा का ही होता है सारा खेल पर्दे के पीछे ही होता है जब कभी सच्चाई सामने आएगी तो अधिकारियों के आंखों पर चन्द सिक्कों की खनक जब उतर जाएगी तो अपने आप सच्चाई सामने आ जाएगी। जिसकी जांच आवश्यक है जिसका खुलासा तो जांचोंपरान्त ही सम्भव है किन्तु देखने वाली बात होगी कि जांच होगी भी या इसी तरह से चलता रहेगा। जो इमानदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी एक प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। कहावत है कि हाथी के दांत दिखाने के अलग होते हैं और खाने के अलग होते हैं कहीं न कहीं ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों को और धान खरीदी केन्द्र संचालकों को गरीब मज़लूम किसानों की हाय अवश्य ही लगेगी।वही समितियों के निरीक्षण में अमरीश बघेल ने कहा कि धान की गुणवत्ता एवं किसानों को दी जाने वाली अलाव की सुविधा पर विशेष ध्यान देने हेतु निर्देशित किया गया ज्यादातर खरीदी केन्द्रों में व्यवस्थाएं ठीक पाई गई हैं। कुछ जगहो में गड़बड़ियां हो रही हैं वहां के केंद्र प्रभारियों को सख्त निर्देश दिया गया है की अगर किसानों को असुविधा हुई तो प्रभारी के ऊपर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन Forex मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी कलम बहुत बोलती है…
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