आमिर खान। Forex मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर धोखाधड़ी करने वाली अंतर्राज्यीय गैंग के सरगनाओं का साथी शातिर आरोपी, क्राइम ब्रांच इंदौर की कार्यवाही में गुजरात से गिरफ्तार।प्रकरण में पूर्व के 04 आरोपियाओं सहित कुल 05 आरोपी नागपुर (महाराष्ट्र), रायपुर (छत्तीसगढ़) एवं सूरत(गुजरात), भरूच (गुजरात) से हैं धराएं । 04 गुना प्रॉफिट देने के नाम से लिए थे फरियादी से 4 करोड़ 85 लाख रुपए।आरोपियों ने लिंक भेजकर कराया था फोरेक्स मार्केट का सॉफ्टवेयर डाउनलोड जो दिखाता है इनवेस्टर्स को फर्जी प्रोफिट। आरोपी ने फर्जी कंपनी बनाकर उक्त प्रकरण के 50 लाख उसमे ट्रांसफर कर, पहुँचाए थे उन्हें, सीधे दुबई में , गैंग के आकाओं के पास।उक्त प्रकरण में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा अभी तक करवाए है फरियादी के 75 लाख वापस, और 70 लाख भी फ्रीज़ करवा कर कोर्ट की कार्यवाही से शीघ्र हो जाएंगे वापस।पकड़ाया शातिर आरोपी है गैंग का सक्रिय सदस्य जो धोखाधड़ी की राशि का करता था आदान – प्रदान।पुलिस रिमांड में की जा रही है पूछताछ अन्य खुलासे होने की संभावना। इंदौर शहर में ऑनलाइन फ्रॉड और धोखाधड़ी संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देशन में क्राईम ब्रांच इंदौर पुलिस के द्वारा ऑनलाइन फ्रॉड एवं सोशल मीडिया संबंधित अपराधों में आरोपियों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी अनुक्रम में अपराध शाखा में इंदौर के व्यापारी फरियादी ने शिकायत की थी की अज्ञात व्यक्ति ने वाट्सअप ग्रुप में ऐड करके फॉरेक्स शेयर मार्केट के फर्जी प्रॉफिट दिखाकर कई गुना प्रॉफिट का विश्वास दिलाया और ठग गैंग के सदस्य ने फरियादी को कॉल पर कहा कि आप ट्रायल करके देखिए की कितना प्रॉफिट होता है , और वाट्सअप पर लिंक के माध्यम से Mstock Max सॉफ्टवेयर फाइल भेजी और कहा कि इसे डाउनलोड करें, ये फोरेक्स मार्केट में इन्वेस्टमेंट करने वाला Mstock Max नाम का सॉफ्टवेयर है जिसे फरियादी स्वयं बैलेंस और प्रॉफिट चेक कर सकेंगे, फरियादी के द्वारा 10 हजार रुपए का इन्वेस्टमेंट किया और सॉफ्टवेयर में चेक करते 10 हजार से 40 हजार का प्रॉफिट दिखा, उसके बाद ठग गैंग के द्वारा फरियादी से कहा की छोटे प्रॉफिट की जगह बडा अमाउंट इन्वेस्ट करके ज्यादा बडा प्रॉफिट कमाइए, फरियादी के द्वारा लालच में आकर ठग गैंग के द्वारा बताए बैंक अकाउंट में 4 करोड़ 85 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, तो M stock Max एप में फर्जी प्रॉफिट 16 करोड़ का देखा और जब अमाउंट विड्रावल करने की प्रोसेस की तो अमाउंट विड्रॉल नही हुआ और ठग गैंग ने संपर्क तोडते हुए फरियादी के साथ धोखाधड़ी की गई थी। फरियादी की शिकायत पर अपराध शाखा इंदौर के अपराध धारा 318(4), 316(2), 316(5), 61 BNS का अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण में क्राइम ब्रांच इंदौर टीम के द्वारा आरोपी (1). आर्यन गुप्ता निवासी नागपुर महाराष्ट्र एवं साथी (2). मोहम्मद फेज निवासी मोटी नगर, रायपुर छत्तीसगढ़, (3). मोहम्मद आमिर निवासी लैंड नगर, नागपुर, महाराष्ट्र, (4).सोहेल खान निवासी सूरत (गुजरात) को पूर्व में गिरफ्तार किया गया था। उक्त प्रकरण में एक अन्य साथी जो की गैंग के मुख्य सरगनाओं का साथी है जो फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराता था और धोखाधड़ी के पैसों को गैंग के आकाओं को भी भेजता है, उसकी तकनीकी जानकारी निकालते हुए क्राइम ब्रांच टीम के द्वारा भरूच (गुजरात) से आरोपी (5) हिरेन पटेल उम्र 37 वर्ष निवासी अंकलेश्वर, जिला भरूच (गुजरात) को पकड़ा। आरोपी हिरेन पटेल ने पूछताछ पर बताया कि उनकी गैंग ऑनलाइन ट्रेडिंग में फर्जी प्रॉफिट दिखाकर धोखाधड़ी करते है और पूरे देश मे उनके कई साथी है। उक्त प्रकरण के 4 करोड़ 85 लाख रुपये में से आरोपी हिरेन पटेल ने 50 लाख मानव इंटरप्राइजेज में ट्रांसफर किये थे, जो कि जांच में इस नाम की कोई कंपनी नही पाई गई। जिसके संबंध में पूछने पर बताया कि उन्होंने ये फर्जी कंपनी बनाई थी, फिर उक्त 50 लाख में से 30 लाख सीधे दुबई के आकाओं के पास एकाउंट में और 20 लाख एक अन्य एकाउंट के माध्यम से दुबई पहुचाना बताया है। विदित हो कि उक्त प्रकरण में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा अभी तक फरियादी के 75 लाख रिकवर करवा दिए है तथा और 70 लाख विभिन्न बैंकों के एकाउंट के माध्यम से फ्रीज़ करवा दिए है, जिन्हें शीघ्र ही कोर्ट की कार्यवाही से वापस फरियादी को मिल जाएंगे। आरोपी हिरेन पटेल को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड प्राप्त कर आरोपी से उसके अन्य साथियों व वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ व विवेचना के आधार पर प्रकरण में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। ★★★★ “साइबर एडवाइजरी”★★★★ (1). अच्छे मुनाफे के लालच में शेयर एडवाइजरी कंपनी की विश्वसनीयता की जांच किए बिना कभी भी इन्वेस्टमेंट न करें। (2). ट्रेडिंग हेतु “सेबी” द्वारा समय समय पर जारी निर्देशों एवं नियमों का पूरा ध्यान रखें । (3). अपने ट्रेडिंग डीमेट अकाउंट के आईडी –पासवर्ड अनजान व्यक्ति से साझा न करे। (4). सोशल मीडिया ग्रुप में दिखाए गए लुभावने ऑफर्स के लालच में आकर किसी भी टेलीग्राम, व्हाट्सअप, इंस्टाग्राम, फेसबुक आदि में प्राप्त फर्जी लिंक पर क्लिक न करें और फर्जी लिंक माध्यम से प्राप्त apk software को भी डाउनलोड न करे। (5). किसी भी तरह से फ्रॉड होने पर तत्काल अपने नजदीकी थाने या Ncrp पोर्टल/1930 पर कॉल या क्राइम ब्रांच इंदौर पुलिस की साईबर हेल्पलाइन पर कॉल करे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर पुलिस की देर रात्रि की कार्यवाही धान खरीदी केंद्रों में अधिकारियों का आंख मिचौली का खेल जारी