प्रयोगधर्मी के नेतृत्व में कांग्रेस को नए सिरे से,मजबूत करने के प्लान पर हुई चर्चा।सभी थे चिंतित की लोकसभा मेंपार्टी का बना रहे विपक्ष का दर्जा।कई सालों से पार्टी की हो चुकी हालत खस्ता,अड़ानी-अड़ानी करते भटक गए रस्ता।कई राज्य जीते-जीते हारे,हरियाणा-महाराष्ट्र में हो गए वारे-न्यारे।देखते रह गए मुख्यमंत्री बनने के सपने,देखो हराकर चल दिए अपनो को अपने।वैसे तो खड़गेजी के हाथ में है कमान,तीर चलाए राहुलजी, प्रियंका बनी महान।ज्ञान देते बाबा संविधान का,नहीं फूके जाते अब पार्टी में प्राण।मुद्दे बदलो संकट से उबारों,यारों तभी आएगी पार्टी में जान। संजय एम. तराणेकर(कवि, लेखक व समीक्षक)इन्दौर-452011 (मध्यप्रदेश)98260-25986 Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन रीवा आरटीओ कर्मचारियो का बड़ा कारनामा- ट्रक ड्राइवर से लूटे 20 हजार रुपये, ड्राइवर के साथ किए मारपीट नफरती भाषणों और अल्पसंख्यकों के दानवीकरण का तेजी से बढ़ता ग्राफ