स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार देने के लिए बनाई गई महत्वाकाक्षी योजना मिड-डे मील में ही उन्हे शुद्ध खाना भी नहीं मिल रहासीधी।विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय सीधी सिंगरौली।। ऐसे में स्पष्ट है कि यहा आने वाले छात्रों का स्वास्थ्य खतरे में है। हम खुलासा कर रहे है शहर में वितरित होने वाले मध्यान्ह भोजन का। जहां स्कूल आने वाले बच्चों को नियमित रूप से मिड-डे मील आहार दिया जाता है, लेकिन इसकी गुणवत्ता पर उठने वाले सवालों में कोई कमी नहीं आई है। भोजन में पाई जाने वाली कमियों को दूर करने का प्रयास तो दूर इसके निर्देशों का पालन करने में भी लापरवाही बरती जा रही है। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में मिड-डे मील के आहार-चार्ट के अनुसार भोजन देना तो दूर उसके बारे में बच्चों को जानकारी भी दे रहे है। संस्थाएं और एजेसियां भी लापरवाह है। इन एजेंसियों के मिड-डे मील संचालक के साथ-साथ स्कूल के प्रभारी शिक्षक को भोजन की देखरेख और उसके स्वाद की परख की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। लेकिन यह प्रक्रिया प्रत्येक क्षेत्र में कारगर नहीं हो सकी है। स्कूल के बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भले ही मिड-डे मील की शुरुआत की गई हो, लेकिन मौजूदा समय में इसकी हालत चिंतनीय है। भोजन के चार्ट का कई स्कूलों से गायब होना ही इसकी हकीकत बयां करता है।उपरोक्त कई बार शिकायतों के बाद अगर अधिकारी अपनी कुर्सी से हिलकर स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंचते है तो सबसे पहले स्कूल में पदस्थ शिक्षक पर शिकायत का दबाव बनाते है कि आप शिकायत करें तो मैं समूह संचालक के खिलाफ कार्रवाई करूंगा। अगर आप शिकायत नहीं करोगे तो मैं समूह संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करूंगा और अंत में अधिकारी द्वारा बढ़िया क्वालिटी का मध्यान्ह बताकर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर लेते है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन आईपीएस अधिकारी संतोष कुमार सिंह बने इंदौर पुलिस कमिश्नर. फोर व्हीलर वाहन ने बाइक चालक को मारी ठोकर एक मौत ,दूसरा घायल