इंदौर। प्रदीप चौधरी। रहवासियों की गुहार के बावजूद न्याय नगर एक्सटेंशन के अवैध मकान टूटना तय… निशान भी लगे इंदौर न्याय नगर एक्सटेंशन में बड़ी संख्या में अवैध मकान बने हैं, जिनमें रजिस्ट्रियों के साथ-साथ नोटरी भी है। दरअसल 7 एकड़ से अधिक जमीन खाली कराई जाना है, जिसके चलते यहां बने मकानों को तोडना पड़ेगा। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी इस बारे में स्पष्ट आदेश दे चुका है और जमीन मालिक की ओर से अवमानना की प्रक्रियाभी शुरू कर दी है। जिन मकानों को तोड़ा जाना है, उन पर निशान भी लगवाए गए। View this post on Instagram कल जब निशान लगाए जा रहे थे, तब भी रहवासियों ने काफी हंगामा मचाया और शासन-प्रशासन से गुहार भी लगाई कि उनकी कोई गलती नहीं है। मकान तोड़ दिए तो वे कहां जाएंगे। कुछ रहवासियों को सिंगल बेंच से स्टे भी मिल गया था। हालांकि उसके भी खारिज होने की चर्चा चल रही है। इसका कारण यह है कि डबल बेंच इन मकानों को हटाने के स्पष्ट आदेश दे चुकी है और उसके पहले सुप्रीम कोर्ट से भी आदेश आ चुके हैं। दरअसल न्याय विभाग कर्मचारी गृह निर्माण की ये कॉलोनी शुरू से ही विवादित रही है। न्याय नगर और उसके एक्सटेंशन में बड़े पैमाने पर अवैध मकान बने हैं। यही कारण है कि प्रशासन गृह निर्माण संस्थाओं के खिलाफ जब भी कार्रवाई करता है, तब न्याय नगर का मामला अधर में ही रहता है, क्योंकि 300 से ज्यादा मकानों को तोडना आसान नहीं है। मगर श्रीराम बिल्डर्स की जमीन को खाली कराने के स्पष्ट अदालती आदेश हो चुके हैं, जिसके चलते प्रशासन को जमीन खाली करवाना है। अभी मोहर्रम के चलते पुलिस बल न मिलने के कारण प्रशासन और निगम ने एक दो दिन के लिए कार्रवाई रोकी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन 78 विधायक ने दिया पुलिस विभाग को 20 लाख की सौगात, पुलिस अधीक्षक ने कहा… न न्याय, न सुरक्षा : बदलना एक ‘लोकतांत्रिक’ राज्य का ‘पुलिस स्टेट’ में!