सिवनी:विशेष संवाददाता -प्रवीण कुमार पाण्डेय -9303816202 सिवनी के विशेष न्यायालय ने रिश्वत लेने वाले पटवारी को चार साल की सजा सुनाई है और 5000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पटवारी ने जमीनी रिकार्ड में नाम संशोधन करने के बदले आठ हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था और विशेष न्यायालय ने अपराधिक अधिनियम के तहत सजा सुनाई है। नाम को सही करने के लिए मांगे थे रुपए प्रदीप भौरे ने बताया कि केवलारी तहसील के खेररांजी गांव निवासी रामदयाल ने लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर शिकायत की थी। 31 जनवरी 2017 को दी शिकायत में कहा था कि चार भाईयों के बीच जमीन का बंटवारा हो गया है। बही में मझले भाई रामूलाल के नाम की जगह रामलाल और मेरे नाम की जगह दल्लू लिख गया है। बही में जमीनी रिकार्ड में नाम संशोधन करने के बदले पटवारी दीपक रिश्वत मांग रहा है।इस पर 1 फरवरी 2017 को लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई कर पटवारी दीपक गेडाम को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़कर गिरफ्तार किया था। लोकायुक्त पुलिस ने दीपक गेडाम पर अपराध दर्ज कर विवेचना के बाद चालान विशेष न्यायालय खालिद मोहतरम अहमद की न्यायालय में पेश किया था।शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक व उपसंचालक अभियोजन रमेश उइके तथा वरिष्ठ एडीपीओ अनिल माहोरे द्वारा न्यायालय में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। साक्ष्य से सहमत होकर न्यायालय ने छह जुलाई को दिए फैसले में दोषी पटवारी दीपक गेडाम को धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में चार साल सश्रम कारावास, 5000 रुपये का अर्थदंड तथा धारा 13(1)(डी)/13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में चार साल कारावास व 5000 रुपये का अर्थदंड लगाया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन डाक्टरों की कमी से सीधी जिला चिकित्सा सुविधा से वंचित,खाली पदों को तत्काल भरे सरकार-अजयसिंह। एक ही जन्म में मिले महिला को 7 जन्मों के पति, आखिरी शौहर पहुंचा थाने और फफक-फफक कर रोया