भिंड।ब्यूरो रिपोर्ट-प्रबीण कुमार पाण्डेयफर्जी तरीके से विकलांगता सर्टिफिकेट बनवाकर पाई थी सरकारी शिक्षक की नौकरी। एमपी के भिण्ड जिले में फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों के सहारे शिक्षक की सरकारी नौकरी हथियाने का बड़ा मामला सामने आया है। जिसमें अब जांच के बाद 157 ऐसे दिव्यांग शिक्षकों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है जिन्होंने फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी हासिल की थी। मामले में अच्छे खासे स्वस्थ लोगों ने ऐसे डॉक्टरों से फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाये जो उस विकलांगता के विशेषज्ञ ही नहीं थे। ऐसे में इन सभी लोगों को बोर्ड से दोबारा परीक्षण कराने के लिए कहा गया है। लेकिन यह शिक्षक अब बोर्ड के सामने जाने से कतरा रहे हैं क्योंकि उन्होंने विकलांग ना होने के बावजूद विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल की थी। दरअसल भिण्ड जिले में दिव्यांग कोटे से शिक्षकों की भर्ती मामले में डॉक्टरों ने गजब कारनामा कर डाला। आँखों के डॉक्टर ने पैर, हड्डी के डॉक्टर ने पैर तथा ईएनटी के डॉक्टर ने आंखों के फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बना डाले। इन्ही दिव्यांग प्रमाण पत्रों के सहारे दो साल पहले 157 लोगों ने शिक्षक की नोकरी हासिल कर ली। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन समीक्षा बैठक में सीएम यादव ने किए बड़े फैसले,बढ़ेगा निवेश मिलेगा रोजगार। बहु बेटे ने अपनी मां को पीट कर घर से बाहर निकाला।