रायपुर। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के आह्वान पर आज छत्तीसगढ़ किसान सभा की जिला इकाईयों द्वारा जिलाधीशों के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में मांग की गई है कि देशव्यापी किसान आंदोलन के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के साथ बनी लिखित सहमति के आधार पर केंद्र सरकार अपने वादों पर अमल करें, जिसमें किसान नेताओं पर दर्ज सभी एफ आई आर वापस लेने तथा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सकल लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने हेतु कानून बनाने का वादा भी शामिल है।आज यहां जारी एक बयान में छत्तीसगढ़ किसान सभा के राज्य संयोजक संजय पराते ने बताया कि धमतरी, कोरबा, सरगुजा, सूरजपुर सहित विभिन्न जिलों में जिलाधीशों के माध्यम से राष्ट्रपति को ये ज्ञापन दिए गए हैं। ज्ञापन में 29 नवंबर को बीकेयू नेता युद्धवीर सिंह की गिरफ्तारी सहित अन्य किसान नेताओं को देशव्यापी किसान आंदोलन के सिलसिले में दर्ज एफआईआर पर संबंधित नेताओं को परेशान/प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए इन सभी मामलों को वापस लेने की मांग की गई है, जिसका लिखित वादा केंद्र सरकार ने किया था।ज्ञापन में रेखांकित किया गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आयोजित किसानों का देशव्यापी संघर्ष घरेलू और विदेशी कॉर्पोरेट पूंजी के तहत कृषि के कॉर्पोरेटीकरण को लागू करने के खिलाफ किसानों, खेत मजदूरों और ग्रामीण गरीबों के हितों की रक्षा के लिए एक जन विद्रोह था और केंद्र सरकार को तीन कॉर्पोरेट समर्थक कृषि अधिनियमों को वापस लेने के लिए मजबूर करने में सफल रहा। केंद्र सरकार ने लाभकारी समर्थन मूल्य सहित सभी मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया था, जिससे आज वह न केवल मुकर रही है, बल्कि किसानों के संघर्ष को राष्ट्र-विरोधी, विदेशी और आतंकवादी ताकतों द्वारा वित्त पोषित बताते हुए निराधार दुष्प्रचार कर रही है। किसान सभा ने केंद्र सरकार के इस किसान विरोधी रवैए की तीखी निंदा की है और राष्ट्रपति से अपील की है कि किसान आंदोलन के साथ हुई सहमति को लागू करने के लिए सकारात्मक हस्तक्षेप करें। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन ये अमृत काल की अमृत संसद है प्यारे!(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा) हुइहै वही जो मोदी रचि राखा!(व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा)