कार्यक्रम में सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी के साथ सरकारी अमला रहा मौजूद। सेमरिया/ रीवा जिले के सेमरिया विधानसभा अंतर्गत बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में नवनिर्मित अधोसंरचनाओं का लोकार्पण एवं नवीन प्रस्तावित संरचनाओं का भूमिपूजन मुख्य अतिथि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल के द्वारा किया गया।जिसकी अध्यक्षता स्वामीअखिलेश्वरानंद गिरी महाराज के द्वारा किया गया तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा, सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी, रीवा संभाग आयुक्त अनिल सुचारी तथा कलेक्टर प्रतिभा पाल मौजूद रही। कार्यक्रम में सबसे पहले गौपूजन, हवन पूजन के बाद मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के द्वारा लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया ।जहा पर मुख्य अतिथि ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार की स्थापना 13 हेक्टेयर क्षेत्र में निराश्रित गायों के आश्रय स्थल के रूप में किया गया है। प्रारंभ में पांच सौ निराश्रित गायों से प्रारंभ वन्य विहार में वर्तमान में हजारों गायों को आश्रय दिया गया है। वन्य विहार बनने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ऐरा पशुओं की समस्याये बंद हो गयी है नहीं तो पहले तो गाय खेत में घुसकर पूरी फसल नष्ट कर दिया करती थी। अब पशुओं के कारण यातायात भी प्रभावित नहीं होता सड़कों में अब पशु बैठे हुये नहीं मिलेंगे। वन्य विहार में निराश्रित गायों के चारा एवं भूसा का प्रबंध पशुपालन विभाग एवं संचालन समिति द्वारा किया जाता है गौवंश वन्य विहार में रह रही गायों से भारी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट, गोनायल, हैण्डवाश एवं टायलेट क्लीनर तैयार कर करहिया सब्जी मंडी के पास स्थित एसपीओ के माध्यम से विक्रय किया जाता है। इससे वन्य विहार को 4 लाख रूपये वार्षिक आय हो जाती है संचालन समिति द्वारा दुग्ध विक्रय कर औसतन प्रतिमाह 45 हजार रुपए की आय अर्जित की जा रही है। वन्य विहार में तैयार उत्पाद पूरी तरह से शुद्ध एवं लाभकारी है। इसीलिए इसका विक्रय हाथों-हाथ बिक जाता है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 1049.29 लाख रुपए की लागत से विभिन्न कार्यों का निर्माण कराया गया है। जिसमें गौवंश शेड,भूसा शेड, पानी के हौज, पीसीसी रोड, वर्मी कम्पोस्ट शेड, गोबर गैस यूनिट, रपटा निर्माण, यज्ञशाला निर्माण, रेस्टहाउस निर्माण, पशु चिकित्सालय तथा गेट का निर्माण कार्य शामिल है। इसके साथ ही छिदवा नाला में चेकडैम्प, नर्सरी, पीसीसी पेवर ब्लाक दो गेट, वीर्य तकनीक से नस्ल सुधार, गौवंश से प्राप्त अपशिष्टों से जैविक उत्पाद, जैसे जैविक खाद, केचुआ खाद, गमला अगरबती, गोनायल, हैण्डवाश, टायलेट क्लीनर, गोअर्क, जीवामृत तैयार किया जायेगा। संचालन समिति द्वारा फास्फेट युक्त जैविक खाद इकाई भी संचालित की जा रही है। गौवंश वन्य विहार में जन सहयोग से बड़ी मात्रा में वृक्षारोपण का कार्य कराया गया है इसके साथ ही खनिज न्यास मद से गौवंश वन्य विहार में गौवंशों के लिए पेयजल हेतु पंप हाउस व बोरवेल की व्यवस्था भी की गई है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन कांग्रेस नेता प्रदीप सिंह पटना शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर उनके दुख में हुए शामिल। नगर निगम रीवा महापौर अजय मिश्रा बाबा ने प्रेस वार्ता कर 1 वर्ष के कार्यकाल के दिये लेखा जोखा।