डीआइजी को सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत देने के अगले ही दिन पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूलता मिला महिला का शव।अनूपपुर। अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ के राजेंद्र ग्राम थाना अंतर्गत एक गांव में शनिवार सुबह महिला का शव आम के एक पेड़ पर झूलता मिला है। बताया जा रहा है कि मृतक महिला ने गांव के ही तीन युवकों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत के लिए पुलिस के पास एक सप्ताह से भटक रही थी लेकिन उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई थी। एक सप्ताह बाद शुक्रवार को महिला ने डीआईजी शहडोल को लिखित शिकायत दी और शनिवार को उसका शव पेड़ पर फंदे में झूलता मिला। इस माममे में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है।हत्या या आत्महत्या, जांच शुरू…महिला ने आत्महत्या की या फिर हत्या कर किसी ने फांसी के फंदे पर लटका दिया, इसकी जांच पुलिस कर रही है। मामले की सूचना मिलते ही राजेंद्र ग्राम थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जांच के बाद मर्ग कायम करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। साथ ही पुलिस प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले के तथ्य तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।पुलिस की उजागर हुई घोर लापरवाही…जानकारी अनुसार महिला विगत आठ जून को गांव के ही तीन युवकों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत राजेंद्र ग्राम थाना में करने आई थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की थी। इसके बाद महिला नौ जून को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई थी। 15 जून तक इस मामले में राजेंद्र ग्राम और जिला पुलिस द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया। इसके बाद शुक्रवार को उप.पुलिस महानिरीक्षक शहडोल को महिला ने जाकर लिखित शिकायत आवेदन देकर आई थी, लेकिन अगले दिन शनिवार को महिला फांसी के फंदे पर झूलती मिली। इस मामले में पुलिस की घोर लापरवाही उजागर हुई है। जानकारी अनुसार राजेंद्र ग्राम पुलिस ने इस मामले में दो पक्षों के जमीनी विवाद को लेकर भी कोई कार्यवाही नहीं की थी, यहां तक कि महिला का मेडिकल भी नहीं कराया गया था।ग्रामीणों को फांसी लगाने पर संदेह…ग्रामीणों का कहना है कि महिला का शव जिस पेड़ पर मिला यह संभव नहीं लग रहा कि महिला पेड़ पर चढ़कर फांसी लगा सकती है। वहीं इस मामले में शहडोल से फारेंसिक एक्सपर्ट को बुलाकर जांच कराई जा रही है। इस पूरे मामले में राजेंद्र ग्राम और जिला पुलिस विभाग के अधिकारियों की सीधे तौर पर लापरवाही सामने आई है जिन्होंने महिला की सामूहिक दुष्कर्म जैसी गंभीर शिकायत को भी गंभीरता से नहीं लिया। कोतमा, भालूमाड़ा के बाद अब राजेंद्र ग्राम पुलिस द्वारा शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का मामला आ गया है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नशा मुक्त भारत अभियान, इंदौर पुलिस द्वारा आबकारी इंदौर की कार्यवाही