जमीन के कूटरचित दस्तावेज गिरवी रखने का मामला, चार से पांच अन्य बैंकों और निजी व्यक्तियों से भी ऋण लेने का आरोप; रकम मांगने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने की शिकायत इंदौर। प्रदीप चौधरी। शहर में वित्तीय धोखाधड़ी और जालसाजी के मामलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने एक दंपती के विरुद्ध 60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। आरोप है कि दंपती ने जमीन के फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर एक वित्तीय संस्था से लाखों रुपये का ऋण लिया और निर्धारित समय पर रकम वापस नहीं की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ऋण की वसूली के लिए संपर्क करने पर संस्था के प्रतिनिधियों को झूठे प्रकरणों में फंसाने की धमकी दी गई। वित्तीय संस्था के संचालक ने क्राइम ब्रांच में की शिकायत क्राइम ब्रांच से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नौलखा स्थित प्रेस्टीज टॉवर, इंदिरा कॉम्प्लेक्स में संचालित सोलफुल निधि लिमिटेड के संचालक शरद कुमार पोरवाल ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि क्रिस्टल अपार्टमेंट, बिजलपुर निवासी हकीमुद्दीन सैफी और उनकी पत्नी फातिमा सैफी ने 21 दिसंबर 2022 को संस्था से 60 लाख रुपये का ऋण लिया था। ऋण के बदले सुरक्षा के तौर पर बिजलपुर स्थित मस्किन-ए-सैफिया के प्लॉट क्रमांक 461 के दस्तावेज संस्था के पास गिरवी रखे गए थे। निर्धारित समय में ऋण की राशि वापस नहीं मिलने पर संस्था ने संबंधित संपत्ति के दस्तावेजों की जांच शुरू की। जमीन की रजिस्ट्री को लेकर सामने आई गड़बड़ी शिकायत के अनुसार, दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि संबंधित प्लॉट को हकीमुद्दीन सैफी ने 5 दिसंबर 2023 को हुसैना रस्सीवाला और जहरा रस्सीवाला के नाम बेच दिया था। इसके बाद भी उसी संपत्ति से संबंधित कथित फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है। संस्था का आरोप है कि हकीमुद्दीन सैफी ने अपनी पत्नी फातिमा सैफी के सहयोग से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वित्तीय धोखाधड़ी की। हालांकि, शिकायत में ऋण लेने की तारीख दिसंबर 2022 और जमीन बेचने की तारीख दिसंबर 2023 बताई गई है। ऐसे में संपत्ति के स्वामित्व, दस्तावेजों की वैधता और कथित धोखाधड़ी के घटनाक्रम की पुष्टि पुलिस जांच में होना बाकी है। अन्य बैंकों से भी ऋण लेने का आरोप शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संबंधित दंपती ने इसी प्रकार चार से पांच अन्य बैंकों और निजी व्यक्तियों से भी कथित फर्जी रजिस्ट्रियों के आधार पर ऋण प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त जिस प्लॉट के दस्तावेज गिरवी रखे गए थे, उस पर वर्तमान में किसी अन्य पक्ष द्वारा निर्माण कार्य किए जाने और कब्जा होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब संबंधित संपत्ति के दस्तावेजों, रजिस्ट्रियों और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है। रकम वापस मांगने पर धमकाने का आरोप शिकायत में बताया गया कि जब संस्था के प्रतिनिधियों ने ऋण की राशि वापस मांगी तो हकीमुद्दीन सैफी ने कथित तौर पर अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और केवल व्हाट्सएप के माध्यम से बातचीत करने लगा। आरोप है कि उसने संस्था के प्रतिनिधियों को धमकाते हुए कहा कि वे उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। वहीं, फातिमा सैफी पर भी ऋण की राशि लौटाने से इनकार करने और संस्था के लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। बीएनएस की चार धाराओं में प्रकरण दर्ज एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने हकीमुद्दीन सैफी और फातिमा सैफी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 340 और 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस द्वारा कथित फर्जी दस्तावेजों, संपत्ति की खरीद-बिक्री, ऋण संबंधी रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय संस्थाओं से जुड़े लेन-देन की जांच की जा रही है। विवेचना में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। News National World | इंदौर Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन इंदौर में पीएससी की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, हॉस्टल के कमरे में मिला शव उज्जैन में गोल्डन मोबाइल शॉप में हुई लाखों की चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार