भोपाल। प्रदीप चौधरी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर चुनावी हार के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने का आरोप लगाते हुए पार्टी को आत्ममंथन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिस चुनाव आयोग की प्रक्रिया के माध्यम से कांग्रेस को विभिन्न राज्यों में सरकार बनाने का अवसर मिला, उसी प्रक्रिया पर हार के बाद सवाल उठाना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर कांग्रेस को अविश्वास है, तो केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का क्या अर्थ है। उन्होंने कहा कि इन्हीं संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के तहत देश में चुनाव संपन्न होते हैं। तमिलनाडु में भी राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन और सरकार में भागीदारी के निर्णय लिए जाते हैं।डॉ. यादव ने कहा कि लगातार चुनावी पराजय के लिए चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराने के बजाय कांग्रेस को अपने संगठन और नेतृत्व की कमजोरियों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस लंबे समय से कमजोर क्यों है, पश्चिम बंगाल में वह दशकों से सत्ता से बाहर क्यों है और उत्तर प्रदेश व बिहार सहित कई राज्यों में उसका जनाधार क्यों कमजोर हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था के तहत चुनाव आयोग के माध्यम से संचालित होती है। चुनावी पराजय को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।उन्होंने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से भी कांग्रेस के प्रदर्शन और नेतृत्व का आत्ममंथन करने की बात कही। डॉ. यादव ने कहा कि पार्टी को संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने के बजाय संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी कमजोरियों को स्वीकार करते हुए संगठन मजबूत करना चाहिए और जनता के बीच अपना विश्वास पुनः स्थापित करने पर ध्यान देना चाहिए। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन गूगल से फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर किया कॉल, क्रेडिट कार्ड एक्टिवेशन के नाम पर ₹50 हजार की ठगी मध्यप्रदेश वित्त विभाग ने 234 अधिकारियों के किए तबादले, पदोन्नति के बाद मिली नई पदस्थापना