नोटिस एवं अनुबंध निरस्त के बाद भी समूह का संचालन-आरोप पशु चिकित्सा अधिकारी वैकुन्ठपुर ने समूह को गौशाला संचालन समाप्त कर ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने का भेजा था पत्र जय माता स्व सहायता समूह अध्यक्ष प्रियांशु मिश्रा और उपसरपंच पर तानाशाही का आरोप उमरी, सिरमौर । रीवा जिले के सिरमौर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत उमरी की गौशाला क्रमांक-01 और चचाई गौशाला का अनुबंध जय माता स्व सहायता समूह उमरी को इसलिए दिया गया कि गौशालाओं में निराश्रित मवेशियों को पर्याप्त चारा, पानी और देखभाल किया जाए, इसके लिए शासन हर महीने लाखों रुपये का भुगतान भी करती है लेकिन उमरी में इसके उलट हो रहा है। ग्राम पंचायत उमरी द्वारा गौशाला के संचालन का अनुबंध जय माता स्व सहायता समूह उमरी की अध्यक्ष प्रियांशु मिश्रा पति विभु मिश्रा को दिया गया था लेकिन समूह द्वारा शासन के मापदंड के अनुसार मवेशियों की व्यवस्था न कर अपना जेब भरने में लगे हुए है ऐसा आरोप सरपंच एवं ग्रामीणों ने लगाए है। स्थानीय लोगों की शिकायत पर ग्राम पंचायत और पशु विभाग ने जब जांच की तो कई बार गौशाला में मवेशी मरे हुए पाए गए, चारा भूसा की कमी एवं व्यवस्था सही नही पाई गई, जांच में पुष्टि होने के बाद कई बार समूह को नोटिस भी दिया गया, लेकिन समूह संचालक अपने कारनामो से बाज नहीं आये।आखिरकार मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सिरमौर द्वारा गौशाला क्रमांक-1 का संचालन निरस्त कर दिया गया है। आरोप है कि अनुबंध निरस्त होने के बाद भी अध्यक्ष प्रियांशु मिश्रा गौशाला की चाबी दूसरे व्यक्ति को नहीं दे रही हैं और अवैध रूप से कब्जा बनाए हुए हैं।इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत उमरी के उपसरपंच विपिन मिश्रा की भी बड़ी भूमिका बताई जा रही है। आरोप है कि उपसरपंच समूह के पारिवारिक व्यक्ति हैं और उन्हीं के संरक्षण में पंचायत में तानाशाही की जा रही है। जबकि वीडियो में गौशाला की बदहाली और मवेशियों की दुर्दशा साफ तौर पर देखी जा सकती है इसके अलावा कम मवेशियों के जगह ज्यादा मवेशियों की उपस्थति दर्ज कराकर राशि आहरण करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगो एवं ग्रामीणों ने सिरमौर विधायक, सिरमौर एसडीएम और कलेक्टर रीवा से मामले में संज्ञान लेंने की मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही करे, ताकि बेजुबान मवेशियों की जान बचाई जाए और मवेशियों के खाने पीने की उचित व्यवस्था हो। जबकि दिनांक 17/08/2026 कोपशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ कृत्रिम गर्भाधान केंद्र वैकुन्ठपुर ने समूह संचालक को गौशाला संचालन अनुबंध समाप्त कर 15 दिवस में गौशाला संचालन ग्राम पंचायत उमरी को हस्तांतरित करने का पत्र जारी किया था इसके बाद भी समूह द्वारा गौशाला का संचालन किया जा रहा है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन नागौद पुलिस ने 24 लाख का 247 किलोग्राम गांजा किया जब्त, 3 आरोपी हुए गिरफ्तार पीटीसी इंदौर में 1135 नव आरक्षकों ने किया हार्टफुलनेस ध्यान, तनाव प्रबंधन का दिया संदेश
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