कर्मचारियों के व्यवहार में सुधार की आवश्यकता, लेकिन टिप्पणी सभी कर्मचारियों के लिए नहीं : डॉ. जेम्स पालइंदौर। सरकारी कार्यालयों में जनता के साथ संवाद, व्यवहार, मार्गदर्शन और जवाबदेही की व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है। यह बात सामाजिक कार्यकर्ता एवं लेखक डॉ. जेम्स पाल ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है। बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारी और सहयोग की भावना से करते हैं।डॉ. पाल ने कहा कि विशेष रूप से शिक्षित नागरिकों, प्रोफेशनल्स, कॉरपोरेट्स, उद्यमियों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सरकारी कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को स्पष्ट जानकारी, उचित मार्गदर्शन और समयबद्ध प्रतिक्रिया मिलना आवश्यक है। कर्मचारियों के अनुभव का उपयोग नागरिकों की समस्याओं को समझने और उन्हें संबंधित प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी देने में किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि कई बार नागरिकों को फोन पर संपर्क नहीं हो पाने, वापस संपर्क न मिलने अथवा किसी कार्य की प्रक्रिया समझने के लिए अलग-अलग स्तरों पर जानकारी लेने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके पीछे कार्यभार, व्यस्तता या अन्य प्रशासनिक कारण हो सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में स्पष्ट संपर्क व्यवस्था और निर्धारित मार्गदर्शन प्रणाली नागरिकों की कठिनाइयों को कम कर सकती है।डॉ. पाल के अनुसार, यदि किसी आवेदन में कमी है, कोई दस्तावेज आवश्यक है या किसी कार्य को नियमों के तहत नहीं किया जा सकता, तो नागरिक को इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए। इससे अनावश्यक रूप से बार-बार कार्यालय आने की स्थिति कम होगी और कर्मचारी तथा नागरिक दोनों का समय बचेगा।उन्होंने कहा कि यह विषय किसी अधिकारी या कर्मचारी विशेष की आलोचना का नहीं, बल्कि सरकारी कार्य-संस्कृति को अधिक नागरिक-केंद्रित बनाने का है। आज बड़ी संख्या में शिक्षित नागरिक, प्रोफेशनल्स, कॉरपोरेट्स और उद्यमी सरकारी प्रक्रियाओं की जानकारी लेकर अपने कार्यों के लिए कार्यालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में स्पष्ट, सम्मानजनक और व्यवस्थित संवाद सरकार और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।डॉ. पाल ने कहा कि लोकसेवा का अर्थ केवल आवेदन स्वीकार करना नहीं, बल्कि नागरिक को सही प्रक्रिया और सही स्थान तक पहुंचाने में सहायता करना भी है। अधिकारियों और कर्मचारियों के पास अधिकार के साथ जनता के प्रति जिम्मेदारी भी है, वहीं नागरिकों से भी नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की अपेक्षा की जाती है।उन्होंने कहा कि सम्मान, स्पष्ट संवाद, उचित मार्गदर्शन और जवाबदेही एक बेहतर प्रशासन की आधारशिला हैं। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन युवा जैन मिलन वर्धमान द्वारा किया गया प्रभु वर्धमान आराधना महामहोत्सव का भव्य आयोजन राहुल गांधी की चिट्ठी पर मंत्री विश्वास सारंग का पलटवार