ऑपरेशन FAST-2.0 / फर्जी सिम से 16.60 लाख की साइबर ठगी इंदौर। प्रदीप चौधरी। साइबर अपराधों में इस्तेमाल होने वाली फर्जी और संदिग्ध सिम के खिलाफ क्राइम ब्रांच इंदौर ने ऑपरेशन FAST-2.0 के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर साइबर फ्रॉड में उपयोग कराने के आरोप में 26 वर्षीय धर्मेन्द्र अहिरवार को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre), गृह मंत्रालय से प्राप्त संदिग्ध POS एजेंट और फर्जी सिम यूजर की सूची के आधार पर की गई। जांच में दूधिया स्थित मोबाइल शॉप से जुड़े POS एजेंट धर्मेन्द्र अहिरवार की भूमिका संदिग्ध पाई गई। दस्तावेजों का दुरुपयोग कर एक्टिवेट की सिम जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी द्वारा दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए संबंधित लोगों की जानकारी और सहमति के बिना बड़ी संख्या में संदिग्ध सिम एक्टिवेट की गई थीं। तकनीकी जांच के दौरान इन सिमों का मिलान NCRP Portal पर दर्ज साइबर अपराध शिकायतों से किया गया। पुलिस के अनुसार, एक संदिग्ध सिम से उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध की दो शिकायतें दर्ज मिलीं। इन मामलों में कुल 16 लाख 60 हजार 991 रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी सामने आई। अन्य सिम और साइबर फ्रॉड नेटवर्क की जांच पूछताछ में आरोपी द्वारा अन्य सिम भी फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इन सिमों से जुड़े साइबर अपराध, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस ने आरोपी धर्मेन्द्र अहिरवार के खिलाफ धारा 318(4) BNS, दूरसंचार अधिनियम 2023 की धारा 42(3)(e), 42(6) और IT Act की धारा 66(C) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन भोपाल में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का चक्का जाम, स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग सूने मकानों को निशाना बनाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 4.5 लाख के जेवर बरामद