नई दिल्ली। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों और उत्पादन में कमी के बीच केंद्र सरकार ने करीब एक दशक बाद चीनी आयात का फैसला लिया है। वाणिज्य मंत्रालय ने 10 लाख मीट्रिक टन रॉ शुगर (कच्ची चीनी) को बिना आयात शुल्क के भारत लाने की मंजूरी दी है। सरकार का उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाकर बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करना है।एक महीने में कीमतों में 20 फीसदी तक उछालपिछले कुछ समय से देश के कई हिस्सों में चीनी की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बीते एक महीने में थोक कीमतों में करीब 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। महाराष्ट्र में तीन महीने पहले करीब 41.06 रुपये प्रति किलो रही थोक चीनी की कीमत बढ़कर 51.43 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश में यह भाव 52.29 रुपये और कर्नाटक में करीब 49.96 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की जानकारी है।उत्पादन और खपत में बढ़ा अंतरखाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में देश में चीनी की घरेलू खपत करीब 281 लाख मीट्रिक टन रही, जबकि उत्पादन घटकर करीब 261 लाख मीट्रिक टन रह गया। यानी घरेलू खपत की तुलना में उत्पादन कम रहा। हालांकि चीनी उद्योग का कहना है कि देश में चीनी की बड़ी किल्लत नहीं है, लेकिन उत्पादन और खपत के अंतर का असर बाजार कीमतों पर पड़ा है।इथेनॉल उत्पादन का भी असरचीनी के स्टॉक पर इथेनॉल उत्पादन का भी प्रभाव पड़ा है। सरकार द्वारा इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिए जाने के बीच 2024-25 के शुगर सीजन में करीब 35 लाख मीट्रिक टन चीनी का इस्तेमाल इथेनॉल उत्पादन में किया गया।वर्तमान इथेनॉल ब्लेंडिंग में करीब 49 फीसदी हिस्सा मक्के, 19 फीसदी गन्ने के रस/सिरप और 13 फीसदी बी-हेवी शीरे से आता है।भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादकभारत दुनिया में चीनी उत्पादन के मामले में ब्राजील के बाद दूसरे स्थान पर है। वैश्विक उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 16.1 फीसदी बताई गई है, जबकि ब्राजील की हिस्सेदारी करीब 23.5 फीसदी है।देश में गन्ने से चीनी बनाने वाली करीब 703 चीनी मिलें हैं। इनमें 335 निजी, 325 सहकारी और 43 सरकारी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं।सरकार के शुल्क-मुक्त आयात के फैसले से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की उम्मीद है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन “हम जज कोई भगवान नहीं हैं, हर फैसला सही होना मुमकिन नहीं”: विदाई समारोह में बोले जस्टिस संजय करोल श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में शिव विवाह प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु