बागपत, उत्तर प्रदेश। विवेक जैन। रविवार को बड़ौत स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर में चल रही पावन श्री शिव महापुराण कथा के दौरान भगवान शिव के विवाह संस्कार का अत्यंत प्रेरणादायक एवं भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास आचार्य अनुज दीक्षित ने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को पारिवारिक जीवन, पति-पत्नी के कर्तव्यों तथा संस्कारों का महत्व समझाया। कथा आरंभ होने से पूर्व पूजन कार्य दण्डी स्वामी जी महाराज, पंडित सचिन शर्मा, पंडित सुमित पाराशर एवं आचार्य संदीप गौतम सहित अन्य विद्वानों द्वारा विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। कथा व्यास आचार्य अनुज दीक्षित ने कहा कि बेटी को विदा कर ससुराल भेजने से पूर्व उसे अच्छे संस्कारों और पारिवारिक जीवन से संबंधित उचित शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने पत्नी के पति के प्रति दायित्वों तथा पति के पत्नी के प्रति कर्तव्यों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि दांपत्य जीवन आपसी प्रेम, सम्मान, विश्वास और समर्पण से ही सुखमय बनता है। आचार्य अनुज दीक्षित ने भगवान शिव की करुणा और विशाल हृदय का वर्णन करते हुए कहा कि समस्त संसार जिनको अपनाने से कतराता है, भगवान शिव उन्हें भी अपने चरणों में स्थान देते हैं। भूत, प्रेत और अन्य उपेक्षित जीवों को भी शिव अपना लेते हैं, जो उनके सर्वसमावेशी और कल्याणकारी स्वरूप को दर्शाता है। उन्होंने पतिव्रता स्त्री के गुणों का भी विस्तार से वर्णन किया तथा अनेक प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में सदाचार, धर्म और पारिवारिक मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। कथा के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव के भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिए। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेता रेनू तोमर, आशुतोष तोमर, आचार्य पंडित पवन शास्त्री, पंडित दीपांशु कौशिक, पूर्व सभासद प्रताप चौहान, विकास शर्मा उर्फ गुड्डू पंडित, करण दहिया, अनुज मित्तल उर्फ सोनू, विपुल जैन बागपत, दीपांशु वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन एक दशक बाद भारत करेगा चीनी का आयात, बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला न्याय नगर में महादेव मंदिर का त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव रविवार से