उन्नाव। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को लेकर राष्ट्रगान के सम्मान और प्रोटोकॉल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वायरल वीडियो एक कार्यक्रम का बताया जा रहा है, जहां सतीश महाना को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था। इसी दौरान राष्ट्रगान शुरू हुआ। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि राष्ट्रगान पूरा होने से पहले ही सतीश महाना वहां से निकलकर अपनी गाड़ी की ओर चले गए। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।राष्ट्रगान के दौरान मौजूद अन्य अधिकारी और लोग सम्मान में सावधान मुद्रा में खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष के राष्ट्रगान समाप्त होने से पहले चले जाने के दृश्य ने राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।मामले को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि राष्ट्रगान के बीच में कोई व्यक्ति कार्यक्रम स्थल से चला जाता है तो क्या इसे राष्ट्रगान का अपमान नहीं माना जाना चाहिए? उन्होंने भाजपा से सतीश महाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने का सवाल भी उठाया।कांग्रेस नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रगान किसी दल, पद या व्यक्ति से ऊपर है और इसके सम्मान के मामले में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि क्या भाजपा अपने वरिष्ठ नेता के खिलाफ कार्रवाई करेगी और क्या इस मामले में कानूनी कार्रवाई होगी।वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सतीश महाना या भाजपा की ओर से इस वायरल वीडियो और लगाए जा रहे आरोपों पर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है।मुख्य सवाल यही है—राष्ट्रगान के सम्मान के लिए तय प्रोटोकॉल क्या है और क्या इस मामले में कोई कार्रवाई होगी? भारत में राष्ट्रगान (जन गण मन) के सम्मान का प्रोटोकॉल Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 और गृह मंत्रालय के निर्देशों से जुड़ा है।🇮🇳 राष्ट्रगान बजने/गाए जाने पर सामान्यतः सभी उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा होना चाहिए।चलना-फिरना, बातचीत करना या ऐसा व्यवहार करना जिससे राष्ट्रगान के सम्मान में बाधा आए, उचित नहीं माना जाता।यदि कोई व्यक्ति किसी आधिकारिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि/पदाधिकारी है, तब भी राष्ट्रगान के दौरान निर्धारित सम्मानजनक मुद्रा में रहना अपेक्षित है।राष्ट्रगान के बीच में कार्यक्रम स्थल से चले जाना परिस्थितियों पर निर्भर करते हुए प्रोटोकॉल के विपरीत माना जा सकता है। कानून के तहत राष्ट्रगान के गायन को जानबूझकर रोकना या उसमें बाधा डालना, अथवा ऐसे गायन में लगे किसी समूह को परेशान करना दंडनीय हो सकता है। Share this:Tweet Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp PostMoreLike this:Like Loading… Related पोस्ट नेविगेशन महादेव मंदिर का त्रिदिवसीय वार्षिकोत्सव शुरू, विधायक रमेश मेंदोला ने लिया आशीर्वाद रौली ग्राम पंचायत में बाढ़ स्थिति में परिजनों ने ड्रम में रखकर शव को ले गए घर, ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर लगाए असंवेदनशीलता का आरोप